कत्ल के बाद कातिल तीन बार क्राइम सीन देखने क्यों गया आखिर क्या वजह थी.

कत्ल के बाद कातिल तीन बार लाश को तीन निकलता है,और फिर तीन बार लाश को मिटाने कोशिश करता है.

कहते है की कोई कत्ल या मर्डर होता है तो, कातिल एक बार उस सिन पर जरूर लौटता है.

एक दस साल के बच्चे का एक कत्ल होता है, कातिल उस बच्चे का कत्ल करने के बाद उसे ले जाकर एक तालाब में उसकी लाश को फेंक देता है,

बच्चा

लेकिन पूरी रात फिर उसे बेचैनी होती है, कि पता नहीं लाश दिख जाएगी पकड़ा जाऊँगा क्या होगा, अगले दिन वो वापस क्राइम सीन पे जाता है,

और तब देखता है कि लाश तालाब के किनारे क्योंकि जंगल के करीब वो नदी थी बहुत कम लोग जाते थे तो उसे बड़ा डर लगता है.

वो फिर उस लाश को बाहर निकालता है, और झाड़ी में छुपाता है, और जाता है नजदीक के एक पेट्रोल पंप पर वहाँ से पेट्रोल खरीदता है वापस आता है, और अब लाश को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश करता है,

लेकिन नदी में रहने की वजह से लाश गीली थी फूली हुई थी कपड़े गीले थे और पेट्रोल कम था तो लाश पूरी तरह से जल नहीं पाती वो घबरा जाता है,

फिर उस लाश को वो वहीं पे एक नदी किनारे पत्थर हटाकर उसके नीचे छुपा देता है, और वापस चला जाता है,

तो पहले कत्ल के वक्त वो मौकाए वारदात पर गया, दूसरी बार वो कत्ल के बाद लाश की क्या हालत है देखने के लिए गया,

लेकिन दूसरी रात भी पत्थर छुपाने के बाद भी उसे इत्मीनान नहीं हुआ, उसे लगा कि कहीं पकड़ा ना जाऊ तीसरी बार लगातार तीसरे दिन वो फिर क्राइम सीन पर पहुँचता है, मौका ये वारदात पर,

और इस बार वो जाने के बाद देखता है कि पत्थर के नीचे लाश है लेकिन उसके दिल में चोर था. लगा कि पकड़ा जाऊंगा तो वो फिर पत्थर के नीचे से उस लाश को निकालता है,

कपड़े वपड़े जले नहीं थे फिर उन कपड़ों में उसी लाश को लपेटता है और इस बार वो खुद नदी में उतरता है और ले जाकर नदी के बीच में उस लाश को नीचे फेंक देता है,

अब पूरी घटना क्या है

घटना दिल्ली की है एक इसी नवंबर के आखरी हफ्ते में, एक महिला पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट लिखाती है कि उसका दस साल का बच्चा गायब है. वो घर से सामान लेने के लिए दुकान में गया था और अभी तक लौटा नहीं है.

पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश करती है, इन्वेस्टीगेट करती है, और पता करने की कोशिश करती है, कि वो बच्चा है कहाँ, लेकिन बच्चा मिलता नहीं है,

तमाम रिश्तेदारों को ढूंढा जाता है उनके घरों पे जाकर दोस्तों से पूछा जाता है, जिनके साथ वो खेलता था, दस साल का मासूम लेकिन कोई सुराग नहीं मिलता,

पुलिस फिर बच्चे के किडनैपिंग का मामला दर्ज कर लेती है.

जब जाँच शुरू होती है, तो पता चलता है, कि इस महिला की शादी हुई थी, काफी पहले उसके बाद पति से अनबन हो गयी पति के साथ झगड़ा हुआ मामला अदालत में गया फिर दोनों ने divorce के लिए petition डाला और दोनों में तलाक हो गया,

husband wife

तलाक के बाद, मामला बच्चे का आया क्योंकि इकलौता बेटा था, दस साल का तो माँ बाप दोनों इसकी custody चाहते थे. अदालत ने फिलहाल माँ के पास बच्चे की custody दे दी, और बाप को भी ये इजाज़त दे दी कि वो महीने में कुछ दिन फलाने फलाने दिन इतने घंटों के लिए अपने बेटे से मिल सकता है,

अदालत के हुक्म के हिसाब से जो भी मुकर्रर था, दिन उस दिन बाप जाता अपने बेटे को अपने साथ ले जाता घूमाता, पिलाता, खिलाता, फिर वापस माँ के पास छोड़ देता,

अब police को family background पूरी तफ्तीश में पता चल गयी इसके बाद ये भी पता चला माँ बाप के बीच में रिश्ते अच्छे थे, नहीं तभी तो तलाक हुआ, तो कहीं ऐसा तो नहीं कि बच्चे की custody माँ के पास थी तो बाप ही कातिल है,

क्योंकि शक की सुई हर तरफ घूम रही थी, अब police ने उस के बाप की निगरानी शुरू कर दी, पता करना शुरू किया कि इसका movement क्या है पिछले कुछ दिनों में खास तौर पर जिस दिन बच्चा गायब हुआ, उस बाप दिन वो कहाँ था,

तो उसके बाप के mobile के location के जरिए ये पता चला कि जहाँ से बच्चा गायब हुआ वहाँ से कई kilometer दूर उसका location है, और वो उस इलाके में आया ही नहीं,

बाकी चश्मदीदों से भी पूछा गया कि उस रात वो कहाँ था, शाम से कहाँ था, दोपहर से कहाँ था ,तो वो सारी चीज़ें सारे बयान ये गवाही दे रहे थे, कि बाप का इसमें कोई role नहीं है,

क्योंकि वो बच्चे के पास था ही नहीं, लेकिन फिर ये हुआ कि बाप हो सकता है अगर उसका हाथ है, तो अपने किसी दोस्त किसी गुर्गे किसी सुपारी के जरिए अपने बेटे को किडनैप करवाए उसका कत्ल करवाए,

बच्चे को police ढूंढ रही है, बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल रहा है, दिन बीतते जा रहे है,

इसी दौरान में हार कर अब पुलिस ने तय किया, कि बच्चे की माँ की तरफ ध्यान दिया जाए. जिसकी कस्टडी में बच्चा था. और जो खुद रिपोर्ट लिखाने आई है. कि ये मामला है क्या। इसकी माँ की पड़ताल की जाए. माँ के जिंदगी में झांक कर देखा जाए. तब उस माँ की पड़ताल शुरू हुई.

तो माँ की पूरी कहानी जो सामने वो ये आयी कि, जो माँ है इसकी शादी जब हुई तो घरवालों की मर्जी से शादी हुई, घर वालों ने रिश्ता तय किया arrange marriage.

लेकिन बाद दोनों के बीच में अनबन और फिर तलाक तक बात पहुँची, लेकिन वाकई ऐसी कोई चीज़ नहीं थी जिससे माँ पे शक किया जाए,

लेकिन पूछताछ और तफ्तीश के दौरान एक character और उभरकर अचानक आता है एक शख्स था जिसका नाम Bittu था.

bittu

Bittu इस बच्चे की माँ का बचपन का दोस्त था, जिस मोहल्ले में वो रहती थी, वो भी वहीं रहता था, और दोनों में अच्छी खासी दोस्ती थी, दोनों ने पढ़ाई लिखाई भी साथ की, लेकिन फिर बाद में शादी हो गई.

बिट्टू की नहीं हुई धीरे धीरे बिट्टू को अब पुलिस ने जीरो इन किया, और उसके दोस्तों के जरिए पता करना शुरू किया लेकिन कोई सुराग हाथ में नहीं आया,

यहाँ तक कि इधर माँ और बिट्टू बच्चे को ढूंढ रही है , और क्योंकि बचपन का दोस्त है, तो बिट्टू भी ढूंढने लगा, बल्कि माँ जब जब police station में भी पहुँचती, के मेरे बच्चे का कुछ सुराग मिला तो साथ में Bittu भी है,

तो Bittu भी उस माँ के इस बुरे वक्त में साथ में है, और ढूंढ रहा है, उस दस साल के बच्चे को police ने भी देखा है कई बार वो खुद थाने आया था आपने माँ बाप के साथ तलाक के वक्त में.

इसी दौरान एक शख्स से Bittu के बारे में पुलिस को एक अजीब सी चीज पता चलती है, और police उसके ऊपर और ज्यादा जानकारी हासिल करती है,

और उस जानकारी को और ज्यादा हासिल करने के लिए अब उस बच्चे की माँ से भी पूछताछ जरूरी थी, तो आखिरकार police उस बच्चे की माँ के पास जाकर अब Bittu के बारे में सवाल करती है,

police पूछती है, तो बताती है कि हम बचपन से ही दोस्त है, और अच्छा है कभी इसने हमारे साथ कोई बुरा नहीं किया, बल्कि उस बच्चे को ये लगातार घुमाता फिरता भी, था खिलाता भी था, और बहुत प्यार करता था.

खासतौर पर जब divorce हो गया पति पत्नी अलग हो गए, और पत्नी अब मायके आकर रहने लगी तो, मायके आके जब वो रहने लगी तो,

Bittu का फिर एक बार उससे मिलना जुलना शुरू हो गया, क्योंकि बचपन से पड़ोस में ही रहते थे, तो उस बच्चे को भी वो बड़ा प्यार करता था, बच्चे को अपने साथ ले आता घूमाता फिराता,

लेकिन एक चीज़ पूछताछ में उस माँ ने police वाले को जो बताया उसके बाद police की जाँच की दिशा बदल गयी,

माँ ने कहा कि हाँ इधर जब divorce हुआ, और मैं मायके आके रहने लगी, तो Bittu बहुत care था एक दिन उसने कहा कि अब तुम्हारी तलाक हो गया तुम्हारा बेटा है, पूरी जिंदगी पड़ी है तुम मुझसे शादी कर लो,

तो उसने Bittu को समझाया कि ऐसा नहीं हो सकता, मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती,

Police

फिर police ने माँ से पूछा, क्या बचपन से कभी उसने तुमसे, इज़हारे मोहब्बत की, प्यार करता हूँ, या शादी करना चाहता हूँ, तो उसने कहा नहीं ऐसा कभी नहीं कहा, लेकिन कई बार मुझे लगा कि शायद उसका मेरे प्रति कुछ soft corner है,

police के सामने जब ये बात आयी, तो फिर police ने Bittu के ऊपर ही पूरा focus डाल दिया, Bittu के movement पे नज़र रखने लगी,

Bittu के अब mobile को police ने trace किया और surveillance पे लगाया तो Bittu का किसी ऐसे bad elements criminal उन सबके साथ कोई बातचीत नहीं, बड़ा ही normal life थी उसकी,

लेकिन इत्तेफाक से एक चीज जो मिली वो police के लिए थोड़ा आगे बढ़ने के लिए काफी थी, जिस दिन ये बच्चा गायब हुआ उस दिन Bittu के mobile का location उसी जगह पे था,

mobilr location

अब लेकिन इससे कुछ साबित नहीं हो सकता, इसलिए कि वो बच्चा और उसकी माँ जहाँ थी वही पड़ोस में बिट्टू का भी घर है, बचपन से साथ रहे पड़ोसी है, तो लोकेशन तो कहीं और का हो नहीं सकता,

तो अपने इलाके में अपने मोहल्ले में अपने घर में अगर है तो फिर उसमें शक की कोई गुंजाइश बचती नहीं है, तो पुलिस को लगा कि इस लोकेशन के बलबूते पे कुछ नहीं हो सकता,

फिर भी पुलिस ने बिट्टू को और उसकी हरकतों पे नजर रखनी शुरू की, policing में और investigation में कुछ चीजें बड़ी मायने रखती है, एक आपके पास सबूत नहीं है, और शक है, लेकिन खाली शक से काम नहीं होगा,

क्योंकि शक के बाद आपको सबूत हासिल करने है, तो उसमें आपको जिसके ऊपर शक है, अब पुलिस की टीम ने यहाँ बिट्टू के बॉडी लैंग्वेज को पढ़ना शुरू किया, और उस बॉडी लेंग्वेज के हिसाब से उसके मोहल्ले, और उसके जानकारों से बातचीत करनी शुरू की,

तो पता चला कि जब से वो बच्चा गायब हुआ है, तब से उसके बर्ताव बिहेवियर में थोड़ी सी तब्दीली आई है, कभी डरा रहता है, कभी सहमा रहता है, कभी उदास रहता है, कभी घबराया रहता है, तो कुछ ने ये भी कहा कि वो शादी करना चाहता था, तो उसकी गुमशुदगी की वजह से परेशान है.

अब यहाँ पे भी police फस गयी कि ये भी हो सकता है क्योंकि एक बच्चा गायब है, इतने दिन हो गए है, पता नहीं उसके साथ क्या हो, तो खाली ये कि वो body language और बर्ताव में कुछ दिनों में जब से बच्चा गायब है उसकी तब्दीली आ गयी है, इस बिनाह पे उसे कातिल नहीं ठहरा सकते।

और भी कई एंगल पे पुलिस अपनी तफ्तीश जारी रखी हुई थी, लेकिन कोई सबूत को सुराग में नहीं रहा था, आखिर में पता नहीं क्यों police team को लगा कि इकलौती कड़ी यही है, Bittu जो इस कत्ल की गुत्थी को सुलझा सकता है,

कातिल कैसे मिलता है

police ने एक risk लिया और Bittu को बुला लिया police station उससे घंटों पूछताछ की पहले तो Bittu को यही लगा कि क्योंकि वो खुद update लेने के लिए थाने के चक्कर काट रहा था.

तो उससे कुछ जानकारी family की बाकी चीजें निकालना चाह रही थी. लेकिन धीरे धीरे जब सवाल सीधे सीधे Bittu के ऊपर आने लगे तो फिर वो घबराया लेकिन फिर भी वो बताता रहा कि नहीं मुझे नहीं मालूम है,

Police

लेकिन फिर police ने अपना तरीका आजमाया और पहली बार police ने उसके सामने कुछ surveillance के नाम पे झूठ भी बोला, अब तक ये था कि तुम्हारा location तो वही है.

लेकिन location उसका वही होना चाहिए क्योंकि वो वहीं रहता था. लेकिन police ने कहा कि जब वो बच्चा जिस वक्त जहाँ से गायब हुआ तुम्हारे mobile के location से हमें पता चल गया कि तुम उसके साथ थे.

अब उसे इतनी ज्यादा गहराई में technology surveillance इन सबकी जानकारी नहीं थी. police ने जिस तरीके उससे बात की और convince किया, तो वो घबरा गया और उसे लग गया कि police को शायद सब पता चल गया. इसके बाद फिर Bittu टूट गया.

और उसने कहा हाँ फिर उसने कहा की चलिए मेरे साथ, उसके बाद वो police team को अपने साथ जंगल ले जाता है, जंगल के किनारे वो नदी थी, वहाँ ले जाता है, और उस नदी में एक फूली हुई सड़ी गली लाश बरामद होती है,

उसने कत्ल क्यों किया

उस लाश की शिनाख्त बच्चे के तौर पे करती है. और तब ये case खुलता है. कि इस बच्चे का नाम Shivam था. दस साल की उम्र थी. तो फिर Bittu से पूरी कहानी police सुनना चाहती थी कि एक दस साल के मासूम को इस तरह उसने कत्ल क्यों किया।

फिर उसने कहानी सुनाई उसने कहा कि वो बचपन से Shivam की माँ से प्यार करता था, दोनों एक साथ रहते थे एक ही मोहल्ले में रहते थे, वो उससे शादी करना चाहता था,

लेकिन उसके घर वाले, इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे. और उन्होंने इस रिश्ते को मानने से इंकार कर दिया। कि तुम्हारे से शादी नहीं होगी।

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और फिर उन्होंने अपनी बेटी के लिए कहीं और लड़का ढूंढना शुरू किया, और आखिरकार में एक लड़का मिला और उससे उसकी शादी हो गयी,

शादी के बाद कुछ साल तक दोनों खुशहाल थे लेकिन फिर मियां बीवी में झगड़ा होने लगा, बात अदालत में पहुँची बात तलाक तक पहुँची दोनों में तलाक हो गया,

लेकिन तब तक Shivam पैदा हो चुका था, उसके बाद धीरे धीरे फिर Shivam की custody के लिए माँ बाप में झगड़ा हुआ court का फैसला आया, माँ के पास Shivam को रखने की इजाजत दी गयी बाप को कभी कभी मिलने की इजाजत दी गयी तो जब शादी हो गयी तब Bittu ने कहा कि उसने उम्मीद छोड़ दी,

फिर उसने अपनी जिंदगी बितानी शुरू कर दी, पर उसने तब तक शादी नहीं की थी, क्योंकि वो उसे अपने दिल से निकाल नहीं पाया था,

उसका ये था कि अब कुछ दिनों के बाद शायद वो अपनी जिंदगी बसा लेगा लेकिन इसी दौरान कहानी में करवट ये आती है, कि जिससे वो शादी करना चाहता था उसकी शादी हो चुकी थी,

लेकिन फिर तलाक भी हो गया तलाक के बाद Bittu की फिर एक उम्मीद जगती है, कि अब तलाक हो गया एक बच्चा भी है,

अब हो सकता है वो शादी कर ले, और इसीलिए उसने उस बच्चे की माँ से जाके फिर से एक बार कहा था कि तुम मुझसे शादी कर लो जब उसने मना किया तो यही बात Bittu के दिमाग में घर घर गयी.

Shivam

उसे लगा कि Shivam की वजह से उसकी माँ उससे शादी नहीं कर रही, अगर Shivam ना हो तो बिलकुल अकेली हो जाएगी, और फिर से वो नई जिंदगी शुरू कर सकती है,

बस इसी एक चीज़ ने, उस बच्चे की माँ से शादी करने की ज़िद ने, उसको Shivam के कत्ल करने का idea आया

कतल कैसे किया

जिस दिन का ये वाकया है नवंबर इसी महीने लास्ट शिवम अपने घर के बाहर था, तो वो उसे ले गया उसने कहा चलो तुमको आइसक्रीम खिलाते हैं और उसके बाद वो उसको बस में बिठाकर वहाँ से दूर ले गया.

Shivam

और फिर और कपड़े दिलाने के नाम पर बस से उतर कर एक जंगल के किनारे ले गया और वहाँ ले जाकर उसने अपने गमछे से उसका गला घोंटा गला घोंटने के बाद लाश को नदी में फेंक दी, और फिर घर चला आया.

इधर माँ परेशान थी कि Shivam घर नहीं लौटा, वो उसके साथ हमदर्दी जताने लगा और माँ के साथ Shivam को ढूंढ़ने इधर उधर घर घर गया.

फिर जब police station में report लिखाने में आ गयी, तो साथ में police station भी गया, और ये सारी चीज़ें एक तरफ खोजबीन करता रहा,

और अगले दिन फिर माँ खोज पे निकली, और इसने भी कहा मैं Shivam को ढूंढ़ने जा रहा हूँ लेकिन ये पहुँचा उस scene पर जहाँ इसने कत्ल किया था,

वहाँ उसने नदी से लाश निकाली लाश को जलाने की कोशिश फिर पत्थर में छुपाया फिर वापस आ गया

फिर माँ के साथ Shivam को ढूंढने में लग गया, नाटक करने लगा ढूंढने का तीसरा दिन आया, तीसरे दिन भी माँ को के साथ ये Shivam को एक तरफ ढूँढता रहा, और फिर चुपके से निकल गया.

और उसी जगह पे उसी नदी में गया और फिर उसने उस लाश को पत्थर से निकाला, और इस बार कपड़े में लपेटकर फिर से उसको नदी में डाल दिया, फिर वापस आया,

फिर Shivam को ढूंढने लगा और ये सिलसिला कई दिन तक चलता रहा तो कातिल लगातार माँ के साथ उस बच्चे को ढूंढने का नाटक करता रहा जिसे उसने खुद अपने हाथों से मारा था.

इस स्टोरी से एक चीज ये भी पता चलता है, कि एक तरफा प्यार शादी की ज़िद ये कैसे ज़िंदगियों को बर्बाद कर देती है,

अगर उसे ये भरोसा था कि वो उसे मना लेगा तो Shivam के ज़िंदा रहते हुए भी मना सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

उसने ये सोचा कि Shivam अगर दुनिया में नहीं होगा तो वो राज़ी हो जाएगी, पर ऐसा हुआ भी नहीं। तो उसके शादी के सपने भी टूट गए.

इधर उस माँ जिसने पहले ही घर जिसका टूट चूका था, पति अलग हो गया वो अपना बच्चा भी खो देती है.

वो भी जिंदगी में अकेली रह गयी और इधर ये भी जेल में अब अकेला हो गया.

ये भी पढें विजय पलांडे 3 कतल करने बाद भी कैसे पोलिस को और अदालत को चकमा देता है

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