Grigori Rasputin एक ऐसा बाबा, जिसपे ना जहर असर करता था, ना बंदूक गोली.

Grigori Rasputin जिसे कुछ लोग पागल कहते थे कुछ फकीर कहते थे. कुछ पहुँचा हुआ बाबा कहते थे. कुछ सनकी कहते थे. कुछ Germany का जासूस कहते थे.

कुछ लोगों का ये भी कहना था कि उसके अंदर जबरदस्त शक्ति थी. सामने वाले को सम्मोहित करने की मतलब उसका दिमाग अपने वश में करने की.

यह एक गरीब परिवार से जिसका बचपन से कोई मन नहीं लगता किसी काम में फिर शादी होती है, बच्चे होते हैं, फिर चोरी करता है.

अदालत में पेश किया जाता है अदालत उसे सजा भी देती है, लेकिन अनोखी सजा कहती है. कि तुम तीर्थ यात्रा करो पैदल जाओ.

Grigori Rasputin

और करीब पाँच सौ कुछ किलोमीटर पैदल चलने का हुक्म सुनाती है.

फिर वो एक जगह पहुँचता है. और वहाँ जाकर सीधे शाही परिवार के घर का सबसे खास बन जाता है.

फिर एक वक्त ऐसा आता है जब उसकी मर्जी के बिना शाही परिवार कोई भी फैसला नहीं लेती,

कुछ लोग तो ये भी कहते है, की अगर वो ज़िंदा होता तो शायद Second World War ही ना होता।

तो ये सारी चीज़ें एक शख्स के साथ जुड़ी है, और उसकी मौत की भी कहानी अजीब है,

Grigori Rasputin की कुछ झलकियां

उसको Cyanide दिया गया फिर भी नहीं मरा,

तीन तीन गोली मारी गयी फिर भी नहीं मरा,

बल्कि उठके खड़ा हो गया उसके बाद फिर उसे बुरी तरह मारा गया,

और आखिरकार ले जाकर बर्फीले पानी में एक नदी में उसे डुबो दिया गया तब जाकर कहीं उसका दम निकला।

Mad monk इस नाम से भी ये शख्स मशहूर है, तो आज की जो कहानी है वो है रूस के ऐसे ही जिस शख्स के बारे में है.

Grigori Rasputin mad monk

मैंने अभी इतना कुछ कहा ये सब Grigori Rasputin की कहानी है. पूरी कहानी बेहद दिलचस्प है.

1869 जब बापू यानी महात्मा गांधी का जन्म हुआ था तब Grigori Rasputin का भी जन्म हुआ था.

1869 में वो भी साइबेरिया के एक इलाके में जो ठंड के लिए काफी मशहूर है पूरी दुनिया में एक किसान परिवार में Grigori Rasputin का जन्म हुआ.

नौ भाई बहन थे लेकिन चार भाई बहन बचपन में उनकी बीमारियों की वजह से मौत हो गई, पाँच बजे बचपन में बच्चे जैसे होते हैं वैसे ही था.

Grigori Rasputin

दोस्त बनाए नहीं तनहा रहता अकेला रहता खुद से ही बातें करता था. कभी जंगल चला जाता तो जानवरों से बातें करता था,

कभी खुद आसमान की तरफ देखता और ऐसा लगता है जैसे भगवान अल्लाह ईश्वर से बात कर रहा है.

किसी काम में मन नहीं लगता पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगता, स्कुल गया नहीं, घर वालों ने खेती में लगाया वहाँ पे खेती में ढंग से काम नहीं किया।

Grigori Rasputin

अस्तबल में लगाया लेकिन अस्तबल में जानवर थे तो उसे लगा कि यहाँ इंसान तो है नहीं, तो वहाँ उसका मन लगा, वो घोड़ों से और बाकी जानवरों से खुद बातें करता था.

जब ये चीज़ें लोगों ने देखी तो उसे पागल कहने लगे, माँ बाप को चिंता होने लगी मेरा बच्चा पता नहीं क्या हो गया, इसके दिमाग में क्या है,

लेकिन ये सारी चीजें चलती रही, थोड़ा बड़ा हुआ तो माँ बाप को लगा कि शादी कर देते हैं, शायद ये कुछ बदलाव आए.

शादी हो गयी उसके तीन बच्चे हुए लेकिन तीनों की मौत हो गयी, फिर बाद में तीन और बच्चे हुए लेकिन जब तीन बच्चों की मौत हुई तो उसका फिर से मन उच्चाट हो गया,

Grigori Rasputin children

उसके बाद वो इधर उधर भटकने लगा, इसी दौरान में शराब पीने की आदत लग गई शराब के लिए पैसे नहीं थे तो वो चोरियाँ करने लगा,

और चोरी करते करते एक लत लग गई उसे चोरी की, इधर पूरी दुनिया में उस दौरान में उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में उथल पुथल थी,

हर देश दूसरे देश पे वर्चस्व हासिल करने के लिए लड़ाई लड़ रहा था, जंग की तैयारियाँ चल रही थी,

इसी दौरान में साइबेरिया के एक दूरदराज के गाँव में Grigori Rasputin का बचपन और फिर जवानी आयी.

एक बार चोरी करते हुए ये पकड़ा गया, और उसके बाद इसे अदालत में पेश किया गया लेकिन जब अदालत में पेश किया गया तो,

russia court

इसका बर्ताव वैसे ही था, वकील को भी पता चला माँ बाप के जरिए कि बचपन से ही ऐसे ही है,

वकील ने अदालत से कहा कि इसके साथ रहम किया जाए, इसका ही जो सोच है और इसका बर्ताव है वो थोड़ा अलग है.

तो अदालत ने भी कहा कि चलो इसके साथ थोड़ी सी रहम बरतते हैं,

और जब अदालत में Grigori Rasputin को सजा देने की बजाय ये कहा कि तुम्हारी सजा ये है कि तुम पैदल तीर्थ यात्रा पर निकलो।

church

और करीब 523 साइबेरिया के उस इलाके से दूर एक चर्च है, तो तुम वहाँ तक तुम्हें पैदल जाना है, और यही तुम्हारी सज़ा है.

Grigori Rasputin की शायद इस सजा ने ही जिंदगी बदल दी,

अदालत के आदेश अनुसार वो अपने घर वालों से मिलता है, विदा लेता है जेब में पैसे नहीं, बाकी कुछ चीजें नहीं, अब वो तनहा अकेले निकल जाता है.

523 किलोमीटर का सफर तय करना है. वो भी पैदल, खाने पीने का सामान नहीं, और यहीं से उसकी जिंदगी बदल जाती है,

Grigori Rasputin

इस तीर्थयात्रा ने उसे बहुत कुछ सिखाया,

चलते चलते कभी कोई शख्स मिल जाता कुछ खाना देता, वो खा लेता, कोई गाँव से गुजरता गाँव वाले कुछ दे देते, तो वो खा लेता, कहीं पे भी सो जाता,

वक्त बीतता जाता है, बाल नाड़ी सब बढ़ते जाते हैं, लेकिन वो अपना पैदल चलता जाता है,

इस दौरान में बहुत सारे चर्च मिलते हैं, बहुत सारे father मिलते हैं, बहुत सारे दूसरे लोग मिलते हैं. उनके जरिए वो धार्मिक चीजें भी सीखता है समझता है,

Rasputin and chruch father

फिर वो एक monastery में जाता है वहाँ पे वो monk बनता है,

कुछ दिन वहाँ रहता है, लेकिन उनके आदेशों का पालन नहीं करता, पर धार्मिक चीजें सीख जाता है.

और उसके बाद फिर आगे का सफर तय करता है, आगे जब भी कोई इंसान मिलता वो उसे Bible और बाकी चीजों की सीख देता है.

जो लोग उस चीजों को मानते वो उसे एक बाबा के तौर पे देखते, जो उसकी बातों को नहीं मानते वो उसे पागल, और सनकी कहते है.

और इसी तरीके से वक्त बीतता रहा, 523 किलोमीटर का सफर तय करना था, करता रहता है.

और आखिरकार वो उस चर्च में पहुँचता है, जहाँ पे उसे जज ने जाने के लिए कहा था, उस चर्च में जाने के बाद वहाँ के father के शागिर्दी में वो वहाँ पे रहता है.

bible

Bible की बाकी सारी चीज़ें सीखता है, धर्म के बारे में जानकारी हासिल करता है, और अपनी ज़िंदगी जो है वो ईश्वर के नाम पे समर्पित कर देता है.

कुछ दिन के बाद उस चर्च के father उसे कहते है, कि अब तुम्हारा सफर यहाँ पे खत्म होता है, अब तुम यहाँ से आगे जाओ,

क्योंकि उसे जज ने कहा था, अदालत ने कहा था, कि 523 किलोमीटर दूर एक चर्च में तुम्हें जाना है. यही सजा है पैदल जाना है. तो वहाँ तक तो यह आ गया.

लेकिन इस 523 किलोमीटर के सफर ने उसकी जिंदगी बदल दी थी,

वो Grigori Rasputin एक अलग इंसान बन चुका था,

वो एक तरह से एक बाबा बन गया था, एक फकीर बन गया, एक संत बन गया ,एक monk बन गया।

लेकिन फिर भी जब उसका mood होता, और अगर कोई उसे ज्ञान देता ,या उसे कुछ हुक्म देता, तो कई बार वो नहीं मानता, और उनका विरोध करता,

और इसीलिए उसे Mad Monk तक कहा गया, तो चर्च के फादर को भी इसके इस बिहेवियर के बारे में पता था,

फिर उन्होंने उसे सुझाव दिया कि तुम यहाँ से Saint Petersburg जाओ, और अब आगे की जिंदगी तुम्हारी वही लिखी है,

saint petersburg

इस सफर के दौरान कुछ चीजें ऐसी हुई, जिसने Grigori Rasputin को भी ये एहसास दिलाया कि उसके अंदर कुछ अलग चीजें हैं.

उसकी शारीरिक बनावट बचपन में कमजोर था, हड्डियाँ कमजोर थी, आँखें कमजोर थी, वो धीरे धीरे ज्यादा बेहतर हो गयी,

और कई बार कई लोगों को वो गुस्से में या प्यार से कुछ कहता वो बातें सच हो जाती, कुछ परेशान लोग आते उसके पास, तो बोलता जाओ कल से तुम्हारी जिंदगी में खुशहाली होती, वो ठीक हो जाता,

Grigori Rasputin

और अगले दिन से वाकई ऐसा होता, तो कुछ लोगों के ऐसी चीजें आयी, कि Grigori Rasputin कोई चमत्कारिक इंसान है, और जो कहता है सच कहता है. जो भविष्यवाणी करता है वो सच होता है.

धीरे धीरे इसके चर्चे होने लगे और. ये चर्चे उसी चर्च में ही रहने के दौरान होने लगे थे. जब यहाँ पे ये पहुँचा था. अदालत के हुक्म पर.

Saint Petersburg

इसके बाद ये Saint Petersburg पहुँचता है,

वहाँ जाने के बाद उसी तरह की अपनी ज़िंदगी गुज़ार रहा होता है,

इस दौरान में अब 1897 में सज़ा हुई थी, तीन चार साल बीत गए और 1900 की शुरुआत हो गयी,

और 1905 में रूस और जापान के बीच एक जबरदस्त जंग हुई थी, हालांकि रूस के पास सैनिक क्षमता ज्यादा थी, उनके पास सैनिकों की तादाद भी ज्यादा थी, जापान के मुकाबले,

लेकिन उनकी प्लानिंग रणनीति ये सब थोड़ी सी ठीक नहीं थी, और उसकी वजह से रूस जापान से ये जंग बुरी तरह हार गया था,

Nicholas second

जिसका गुस्सा वहाँ के सैनिकों में भी था, आम लोगों में भी था, और उस समय रूस के अंदर Nicholas second राजा जो थे उनकी शाही हुकूमत चल रही थी,

राजा Nicholas second की और उनकी पत्नी का नाम था Alexandra जो की एक German citizen थी बाद में वो राजा Nicholas के साथ उनकी शादी हुई है रहने लगी.

इसी दौरान Grigori Rasputin भी Saint Petersburg पहुँच चुका था. और एक बाबा के तौर पर वो जो कहता है, भविष्यवाणी अब धीरे धीरे वो उसकी चर्चा होने लगी मशहूर होने लगा.

इधर कहानी में करवट ये बदलती है कि राजा Nicholas और Alexandra का एक ही बेटा था. और बड़ी मन्नत के बाद वो बेटा हुआ था,

Alexei

अब शाही परिवार का वो अगला वारिस था अगर वो ना होता तो शाही परिवार का अगला कोई वारिस ना होता, तो इसलिए उसकी बड़ी लाड प्यार और वही उससे परवरिश हो रही थी,

लेकिन इसी दौरान ये पता चला कि जो Nicholas का बेटा था और Alexander का बेटा था उसका नाम था Alexei,

और Alexei को एक hemophilia नाम की बीमारी होती है, और इस बीमारी में एक सबसे खतरनाक बात ये थी कि,

अगर उसे कहीं शरीर में कोई कट का निशान लग जाए तो फिर लगातार खून बहता रहेगा और उसकी जान जाने की भी मतलब पूरी संभावना है,

hemophilia

और इस बीमारी का उन्होंने जितना इलाज किया लेकिन ठीक नहीं हो रहा था, तो राजा Nicholas के परिवार का एकलौता वारिस इकलौता बेटा Alexei था

और उसकी तबीयत खराब एक गंभीर बीमारी तमाम उन्होंने इलाज करा लिए लेकिन ठीक नहीं हो रहा है.

इसी दौरान किसी ने शाही महल में Alexandra को Grigori Rasputin के बारे में बताया कि एक शख्स है,

Saint Petersburg church

जो साइबेरिया से निकला तीर्थ यात्रा की उसके बाद वो अभी Saint Petersburg पहुँचा है.

और उसके अंदर बड़ी कला है वो जो भी कहता है सच होता है, औषधि है बाबा है, और उसके हाथ में बहुत शफा है,

तो एक बार राजकुमार को अगर उसको दिखाए तो शायद कुछ भला हो, तो उन्होंने कहा कि चलो इस बाबा को भी आजमा लेते है,

और इसी के बाद Grigori Rasputin को Saint Petersburg में जो शाही महल मौजूद था, उसको उसमें पहली बार बुलाया जाता है.

Grigori Rasputin शाही महल में वहाँ जाने के बाद उसे बताया जाता है, कि ये Alexei राजकुमार है, उनकी माँ Alexandra वहाँ पे मौजूद, वो सारी कहानी बताती है,

Alexandra

जो कहानियों में ज़िक्र है, वो ये है कि इसके बाद Grigori Rasputin राजकुमार के पेशानी पे हाथ रखता है, ना उसकी नब्ज़ देखता है, ना बाकी चीज़ें,

और जिस दिन ये गया था उस दिन उसको दो तीन दिन से बुखार था, और तेज़ बुखार बुखार उतर नहीं रहा था.

करीब शाम के वक्त ये पहुँचता है और राजकुमार को देखता है राजकुमार के सर पे हाथ रखता है,

उसके बाद थोड़ी देर बाद महल से निकलने लगता है, और राजकुमारी Alexandra को बोलकर जाता है कि ऐसी कोई बात नहीं है बिलकुल ठीक हो जाएगा,

alexandra with her son alexei

अब ये संयोग कहिए या ,इत्तेफाक कहिए, या कुछ और कहिए कि अगले दिन सुबह राजकुमार Alexei की तबियत बिलकुल ठीक हो जाती है,

अब उसके स्वास्थ्य में भी लगातार सुधार होता जाता है. जिस बीमारी से ये लोग से परेशान थे वो बीमारी अब धीरे धीरे करके दूर होने लगती है,

और जिसके बारे में ये था कि पता नहीं कब तक जिंदा रहेगा वो बिल्कुल स्वस्थ हो जाता है,

Grigori Rasputin and alexandra

ये चीज Alexandra के दिल में घर कर जाती है,

उसे लगता है कि जो कुछ हुआ है ये Grigori Rasputin की वजह से हुआ है,

इसके बाद Grigori Rasputin को बाकायदा महल में बुलाया जाता है, और उसकी खातिर होती है,

राज महल की महारानी Alexandra पूरी तरह से फिदा थी Grigori Rasputin के ऊपर, इस दौरान में कुछ दिनों तक उसका आना जाना होता है.

और वो कुछ चीजें बताता है, और इत्तेफाक की बात है, वो सारी चीजें सच होती जाती है, जब उसकी सारी भविष्यवाणी एक एक कर सच होती जाती है,

Grigori Rasputin in saint petersburg

यहाँ तक कि वो जंग के बारे में बताता है, तो कई मोर्चे पे हार हुई थी, जहाँ जहाँ उसने बताया वहाँ वहाँ जीत हुई, तो इन सारी चीजों ने राजमहल में Grigori Rasputin का कद बहुत बढ़ा दिया।

इसके बाद ये हुआ कि अब वो राजमहल में ही रहने लगा, धीरे धीरे वो महारानी के बेहद करीब आया.

Grigori Rasputin and alexandra

Grigori Rasputin की जिंदगी की दो ही चीजें थी

Grigori Rasputin औरतों के बेहद करीब रहता था, और बहुत सारे औरतों के साथ उसके रिश्ते थे,

महारानी पूरी तरह से उसके एक तरह से कब्ज़े में आ गयी थी, Grigori Rasputin के बारे में एक चीज और थी कि वो जो दूसरों को अपने वश में करना यानी सम्मोहन की शक्ति थी उसके अंदर,

और वो किसी को भी अपने वश में कर सकता था, कहते है इसी वजह से उसने बहुत सारी औरतों को अपने वश में किया, और उनके साथ रिश्ते बनाए,

Alexandra

और यहाँ तक की महारानी के साथ भी इसके love affair के किस्से चले, यहाँ तक कि इसको love बाबा के नाम से भी पुकारा गया, जो इतिहास के पन्नों में है,

तो धीरे धीरे रानी के साथ भी इसके रिश्तों के चर्चाएँ शुरू होने लगे, अब राजमहल में सारी चीजों में इसका दखल शुरू हो गया,

Grigori Rasputin का जो भी बड़े फैसले अहम फैसले होते हैं, उसमें Grigori Rasputin के फैसले जरूर लिए जाते थे,

एक तरह से वो उस पूरे Nicholas शाही परिवार का सबसे बड़ा सलाहकार बन गया, उसके कहने पे मंत्रिमंडल में कौन होगा कौन बाहर जाएगा, कब किससे लड़ाई होगी,

rasputin

फौज को कहाँ रखना है, किस देश के साथ क्या करना है, ये सारी चीजें सारी बातें वो बताता रहा, शुरुआत में सब कुछ सही हो रहा था,

और इसी बीच में हुआ ये कि एक राजा Nicholas के भतीजा जिसका नाम Felix Yusupov था, इस Felix Yusupov के कुछ अपने खास लोग थे, जो राजा के मंत्रिमंडल में थे,

Felix Yusupov

मंत्रियों को जब हटाया गया तो उसमें Grigori Rasputin का नाम था और उसने कुछ मंत्रियों को हटाने की सिफारिश कर दी,

उनमें से राजकुमार Felix के कुछ अपने लोग भी थे, राजकुमार Felix उनमें से था जो राजा Nicholas को हटाकर गद्दी पे कब्ज़ा करना चाहता था,

और उसे लगा कि अगर Grigori Rasputin जब तक यहाँ रहेगा, इसी की सलाह मानी जाती रहेगी, तो ये उसके लिए एक रोड़ा है,

तो कहते है कि राजकुमार Felix ने Grigori Rasputin को रास्ते से हटाने की एक साजिश रची,

Felix Yusupov and his wife

और राकुमार Felix अपनी पत्नी जो की शाही परिवार की थी, उसका नाम लेके Grigori Rasputin को अपने महल में बुलाता है,

और कहता है की उसकी wife वो आपसे मिलना चाहती है, और Grigori Rasputin देर रात महल में पहुँचता है,

लेकिन वहाँ साजिश थी फिर राजकुमार Felix उसे cake में cyanide डालकर देता है, Grigori Rasputin वो cyanide खा लेता है, लेकिन बिलकुल normal रहता है,

cake

तो उस साजिश में जितने लोग शामिल थे वो Grigori Rasputin को देख के हैरान रह जाते है,

cyanide के जरिए तो कुछ सेकंड के अंदर मौत हो जानी चाहिए, ये वैसे ही खड़ा हुआ है इसके बाद जब उसे लगता है,

कि ये मर नहीं रहा तो वो गुस्से में आ जाता है, उसके बाद वो pistol निकालता है और सीधे निकालकर पहली गोली पेट में मारता है. Grigori Rasputin नीचे गिरता है,

Grigori Rasputin

लेकिन फिर उठता है, इसके बाद उसे तीन गोली मारी जाती है, लेकिन राजपूतन उसके बावजूद उठकर उसको पकड़ लेता है,

फिर उसे चारों तरफ से पकड़ कर बुरी तरीके से पीटा जाता है, और ये सब करने के बाद वो बेहोश हो जाता है,

grigori rasputin death

फिर उसको वहीं एक नदी जिसमें उस वक्त ठंडा पानी बर्फीला पानी एक कपड़े में लपेट कर उसे ले जाकर पानी में डुबो दिया जाता है,

अगले दिन सुबह Grigori Rasputin की मौत की खबर पूरे रूस में फैलती है, क्योंकि शाही परिवार का एक ताकतवर शख्स था इसके बाद पोस्टमार्टम होता है,

postmortem में एक अजीब सी हैरान करने वाली चीज़ सामने आती है, और वो चीज़ ये थी कि,

Grigori Rasputin की मौत ना तो गोली से हुई, ना cyanide से हुई, बल्कि lungs में पानी था और मौत डूबने से हुई,

फिर इस मौत को लेके काफी उस वक्त हंगामा हुआ, लेकिन शाही परिवार का मामला था तो दबा दिया गया,

और शाही परिवार ने एक अपने ही जो उनका अपना जहाँ पे सारे लोगों को दफनाया जाता था वहाँ Grigori Rasputin को दफनाया गया.

इसके बाद कुछ वक्त बीतता है 1917 में राजकुमार Felix जो communist क्रांति हुई उसके डर से वहाँ से भागकर दूसरे देश में पनाह ले लेता है,

उसकी जान तो बच गयी लेकिन उसके बाद वो अस्सी साल के बाद उसकी मौत होती है,

nicholas ii death

जबकि राजा Nicholas और उनके पूरे परिवार को 13 June 1918 में पूरे परिवार का खात्मा उन्ही के राजमहल में कर दिया जाता है,

आज भी Grigori Rasputin को रूस में उसी तरीके से याद किया जाता है.

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