Atal Bihari Vajpayee क्यों हाईजैक हुए प्लेन में, घुस जाते है.

6 दिसंबर 1992 जो बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि विवाद उसको लेके देश भर में दंगे हुए, बहुत सारी चीजें हुई और उस घटना के बाद UP में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था तो वहाँ पे कोई सरकार नहीं थी.

22 जनवरी 1993 की बात है, और Atal Bihari Vajpayee विपक्ष के एक बड़े नेता थे देश के. तो UP में राष्ट्रपति शासन Atal Bihari Vajpayee जी एक विपक्ष के बड़े नेता थे.

Atal Bihari Vajpayee

और इत्तेफाक से 22 जनवरी 1993 को BJP कार्यकर्ताओं की एक मिटिंग में हिस्सा लेने के लिए Atal Bihari Vajpayee Lucknow गए थे और वो Lucknow में थे.

दोपहर की बात है इंडियन एयरलाइंस के एक प्लेन जो लखनऊ से दिल्ली आ रहा था जिसे वो उस पे कुल करीब छब्बीस लोग सवार थे. उसको हाईजैक कर लिया जाता है.

और प्लेन को वापस लखनऊ लाया जाता है, क्योंकि और कोई चारा नहीं था, लखनऊ में जब इस प्लेन को नीचे उतारा जाता है, और क्योंकि पायलट ने पहले ही एटीसी को बता रखा था कि हमारा प्लेन हाइजेक हो गया.

तो एटीसी भी यहाँ पे फॉरेन हरकत में आती है और इस प्लेन को लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे में सबसे किनारे सेफ जगह पे लैंड कराया जाता है. ताकि अगर कुछ गड़बड़ी हो, कोई ब्लास्ट हो गया, तो ज्यादा नुकसान ना हो,

lucknow airport

तो प्लेन लखनऊ एयरपोर्ट पे लैंड है, अब वो शख्स एटीसी के जरिए बात कर रहा है, और प्लेन हाइजेक करने के बाद उस शख्स की पहली मांग ये थी कि वो सिर्फ और सिर्फ negotiation के लिए जो बात करेगा वो Atal Bihari Vajpayee से ही बात करेगा और किसी से बात नहीं करेगा,

उस वक्त Uttar Pradesh में जैसा मैंने आपको बताया राष्ट्रपति शासन लागू था, और शर्त रखी थी Atal Bihari Vajpayee से बात करने की,

Atal Bihari Vajpayee जी की दोपहर को एक कार्यकर्ता मीटिंग खत्म होने के बाद सर्किट हाउस में लंच कर रहे थे, दोपहर का चुके वक्त था और उनके साथ बीजेपी के एक और सीनियर नेता थे, लालजी टंडन तो लालजी टंडन और वो ये सारे लोग लंच कर रहे थे,

Atal Bihari Vajpayee lunch

Atal Bihari Vajpayee जी और बाकी सब सर्किट हाउस में खाना खा रहे थे तो, तभी अचानक वहाँ पे एक डीएम लगभग हांफते कांपते हुए आते हैं, और उन डीएम साहब का नाम था अशोक प्रियदर्शी ये लखनऊ के डीएम थे और ये भागते हुए सर्किट हाउस में आते हैं,

Atal Bihari Vajpayee जी लालजी टंडन ये लोग बैठ के खाना खा रहे हैं, उनको इस तरह देखकर लालजी टंडन पूछते हैं कि क्या हो गया, तो बताते हैं कि बहुत बड़ी मुसीबत आ गई है एक प्लेन हाइजेक हो गया है, लखनऊ airport पे खड़ी है.

और हाईजैकर की एक ही मांग है और वो ये है कि सिर्फ Atal Bihari Vajpayee से बात करनी है, और किसी के सामने वो कोई अपनी मांग नहीं रखेगा, कोई बात नहीं करेगा,

ये सब सुनते ही Atal Bihari Vajpayee जी खाना छोड़ते है, फौरन DM की गाड़ी में बैठते है, साथ में लालजी टंडन बैठते है, और ये तीनों Lucknow airport के लिए निकल जाते है.

Lucknow airport पहुँचने के बाद Atal Bihari Vajpayee जी ATC के through plane के अंदर उस highjacker से contact करते है.

और बोलते है कि मैं Atal Bihari Vajpayee बोल रहा हूँ, अब आप बताए आपकी मांगक्या है ,

Atal Bihari Vajpayee call

highjacker कहता है कि आप Vajpayee जी नहीं बोल रहे है, आप Atal Bihari Vajpayee है ही नहीं मैं उनकी आवाज को जानता हूँ, आपकी आवाज अलग है.

वो बहुत convince करते है Vajpayee जी और ATC के जो बाकी लोग बैठे थे वो बताते है, hijacker को की Atal Bihari Vajpayee यही है. लेकिन hijacker मानने को तैयार नहीं होता है.

उसके बाद वो धमकी देता है कि मुझे सचमुच अगर Atal Bihari Vajpayee से बात नहीं कराई तो मैं इस प्लेन को उड़ा दूँगा, अब अजीब हालत हो गए. Vajpayee जी खुद airport पे है. बात कर रहे है लेकिन hijacker मानने को तैयार नहीं है.

airport

तो अब क्या किया जाए इसी के बाद इधर ये था कि, अगर ज्यादा वक्त बीता, और उसने कुछ कर दिया तो, action लेने की भी तैयारी थी, अब action में ये था कि मुसाफिरों की भी जान खतरे में थी,

तो Atal Bihari Vajpayee जी ने कहा कि अभी action आप मत लीजिए, अब मैं कोशिश करता हूँ इसके बाद जब आखिर तक वो नहीं माना,

तो Vajpayee जी ने कहा कि मुझे खुद plain के अंदर जाकर उससे बात करनी होगी, तभी उसे यकीन आएगा कि मैं Atal Bihari Vajpayee हूँ.

लेकिन DM और बाकी लोगों ने उनको ऐसा करने से रोका, उन्होंने कहा कि आपका जाना खतरे से खाली नहीं होगा, पता नहीं वो क्या है किस mood में है. तो आपको नुकसान ना पहुँचा देंगे,

मगर उन्होंने कहा कि और कोई रास्ता नहीं है, तो आप मुझे जाने दीजिए,अब और कोई रास्ता था. नहीं तो फिर ये लगा कि चलो जब Vajpayee जी इतनी जिद कर रहे हैं तो इन्हीं की बात मान लेते हैं,

ATC के जरिये plane में ये मैसेज भेजा गया कि अटल बिहारी वाजपेयी आपसे मिलने आ रहे है.

Atal Bihari Vajpayee in plane

और इसके बाद वाजपेयी जी प्लेन के अंदर दाखिल होते हैं वो प्लेन जिसको हाइजेक कर लिया गया था अंदर जाने के बाद हाईजेकर Atal Bihari Vajpayee जी को सामने देखता है.

जो मुसाफिर थे वो भी सामने देखते हैं वो भी हक्के बक्के रह जाते हैं क्योंकि तब तक अंदर बैठे लोगों को ये बात पता चल गयी थी, कि negotiation के लिए सिर्फ Vajpayee से ही बात करने की ज़िद कर रहा है.

और इत्तेफाक की बात ये थी कि वो Lucknow में थे hijacker को ये बात पता नहीं थी कि Vajpayee जी Lucknow में है.

तो वो भी एक तरह से shock था कि इतनी जल्दी Vajpayee जी खुद plane के अंदर कैसे, तो वो देख के इससे पहले कि कुछ बोलता लालजी टंडन hijacker से कहते हैं. कि लो तुम्हारी जो मांग थी वो पूरी हो गयी Vajpayee जी खुद plane के अंदर चलकर आ गए अब बताओ,

और बोलते है की कम से कम Vajpayee जी तुम्हारे कहने पर आ गए senior नेता है, उम्र में भी बड़े है, पहले इनके पैर छुओ, और फिर बात करो,

वो भी बिलकुल emotional हो जाता है, और वो जैसे ही पैर छूने के लिए नीचे झुकता है guard उसे चारों तरफ से दबोच लेते है ,और फिर उसे पकड़ कर बाहर लाया जाता है.

इसके बाद प्लेन के सारे मुसाफिरों को बाहर निकाला जाता है, और फिर जो उसके हाथ में उसने ये कहा था कि ये प्लेन को मैं उड़ा दूंगा मेरे पास एक केमिकल बॉम है,

लेकिन वो जो सामान था वो केमिकल बॉम नहीं था, बॉम्ब जैसी कोई चीज ही नहीं थी, उसने झूठ बोला था, उसे पास  क्रिकेट बॉल था.और एक बॉल के बल पे हाइजेक किया था.

बस उसने Atal Bihari Vajpayee से बात करने के लिए ही, Plane को हाईजैक कर लिया था.

सीताराम केसरी

कहते ये भी है कि इसी प्लेन में उस वक्त सीताराम केसरी जी भी बैठे हुए थे जो छब्बीस मुसाफिर थे उनमें से एक सीताराम केसरी भी थे.

सारे मुसाफिरों को उतारा गया उसके अंदर अगले दिन सुबह दूसरी फ्लाइट से उन सारे मुसाफिरों को दिल्ली लाया गया.

और उस दूसरी फ्लाइट में जो सारे मुसाफिर जिसको हैजेक किया गया था जब दिल्ली आए जिस प्लेन में उसी प्लेन में Atal Bihari Vajpayee जी भी उनके साथ दिल्ली आए.

इस तरीके से इस hijacking की कहानी को खत्म किया गया

लेकिन इसके बारे में रिकॉर्ड पे कहीं नहीं मिलता लालजी टंडन जो बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता है, उन्होंने एक इंटरव्यू में इस पूरे हाइजेकिंग का खुलासा किया था.

ये भी पढें Indira Gandhi को जेल से आजाद कराने के लिए, कैसे प्लेन को हाइजेक किया जाता है. 

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