विजय पलांडे 3 कतल करने बाद भी कैसे पोलिस को और अदालत को चकमा देता है

विजय पलांडे 3 कतल करने के बाद सबको बेवकूफ बनता है, और इस वजह से बहोत सारे सवाल है police को लेकर भी जाँच को लेकर भी, अदालत के फैसले को लेकर भी,

और एक चालाक कातिल की पूरी कहानी भी है, ये किस तरह से वो police को चकमा देता है jail से भागता है, फिर police custody से भागता है.

कैसे वो तीन तीन बार अपना नाम बदलता है कैसे वो plastic surgery के जरिए अपना चेहरा बदलता है. कैसे वो दुनिया के चार अलग अलग देशों में चार शादियां करता है.

और उसकी सोच ये थी कि जब वो विदेश में हो. तो कोई एक ऐसा हो जो उसकी देखभाल करें खाना बनाए।

इसलिए उसने एक शादी अमेरिका में की, एक शादी उसने थाईलैंड में की, एक जर्मनी में की, और एक इंडिया में की, और एक गिरफ्तारी के बाद कैसे अलग अलग कत्ल के खुलासे होते हैं

कैसे एक model जिसका नाम सिमरन सूद जिसने भी अपना चेहरा बदला surgery कराई plastic और कैसे वो बड़े बड़े लोगों को एक gangster के साथ मिलकर फाँसती थी.

Anuj tikku

Anuj Tikku के father का कत्ल होता है और जब कत्ल होता है तो जो सबसे बड़ा शक Anuj Tiku पे ही जाता है.

और Anuj Tiku को बाकायदा police लंबी पूछताछ करती है suspect number one बाद में पता चलता है कि Anuj Tiku अपने बाप का कातिल नहीं है बल्कि कातिल कोई और है.

1998 में एयर इंडिया एम्प्लॉई यूनियन के नेता थे एक अरुण दास और उनके बेटे का कत्ल होता है. कत्ल होने के बाद ये दोनों लाशें जो है मुंबई के बाहर एक सुनसान जगह पे जमीन में गाड़ दिया गया था. वहाँ से ये लाशें पोलिस को मिलती है.

इसके बाद तफ्तीश शुरू होती है, तफ्तीश के बाद पुलिस एक शख्स को गिरफ्तार करती है. उसका नाम था विजय पलांडे

Vijay palande

विजय पलांडे को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अदालत में पेश करती है, चार्जशीट दाखिल करती है, अदालत विजय प्लांडे को उम्र कैद की सजा सुना देती है,

और इसके बाद उसे कोल्हापुर जेल भेज दिया जाता है, कोल्हापुर जेल में रहने के दौरान करीब नौ महीने ही बीते थे. उम्र कैद की सजा अभी सुनाए हुए और एक दिन एक अर्जी लगाता है.

और विजय पलांडे कोर्ट में और कहता है. उसकी माँ की तबियत बहुत खराब है. क्योंकि वो कन्विक्टेड है. सजा हो चुकी है इसलिए उसे कुछ दिन के लिए पैरोल दी जाए.

अदालत इस मानवीय पहलू पे देखते हुए कि मां बीमार है. उसे पैरोल पे बाहर जाने की इजाजत दे देती है.

वो पेरोल पे बाहर आता है लेकिन फिर दोबारा कभी जेल नहीं जाता। वो कोल्हापुर से भाग कर मुंबई आ जाता है. और मुंबई आने के वो अपना नाम बदल देता है।

अब वो विजय पलांडे नहीं बल्कि अपना नाम रखता है Kiran Kanu Bhai Rana बाकायदा नया पहचान बनाता है. नए कागजात बनाता है. और Mumbai में ही import export का एक business भी शुरू कर देता है.

छह महीने के अंदर अंदर बाकायदा इस नए नाम Kiran Kanubhai Rana के नाम से उसका passport भी बन जाता है passport बनने के बाद वो Mumbai छोड़ता है.

santosh shetty

और Bangkok पहुँच जाता है, Bangkok में Underworld Don जो गैंगस्टर Santosh Shetty ये उसके संपर्क में आता है. और उसके लिए काम करता है.

काम ये था कि Mumbai में जो बड़े businessman या film industry से जुड़े हुए लोग जिनके पास पैसे है. उनसे कैसे extortion किया जाए.

तो ये Santosh Shetty के जरिए उन लोगों के नाम और पते देता था, संतोष शेटी अपने लोगों को भेज कर उनको धमकाता और उनसे पैसे लेता था.

धंधा ठीक चल रहा था. नए नाम के साथ वो Bangkok में था Mumbai भी आना जाना था. लेकिन फिर उसे लगा कि अगर Mumbai बार बार आने जाने में चेहरा पहचाना जा सकता है.

क्योंकि नाम बाकी चीजें तो बदल ली हुलिया नहीं बदला, Bangkok में ये फिर plastic surgery कराता है. और अपने चेहरे को थोड़ा सा बदलता है.

हालांकि पूरी तरह से नहीं बदलता लेकिन कुछ कुछ उसकी हुलिया जो है वो बदल चुका था, ठीक ठाक अब उसका काम चल रहा था.

एक उम्र कैद की सज़ा पाया हुआ कैदी payroll पे बाहर आकर भाग जाता है. और बाकायदा अपना business चला रहा है Bangkok जाता है Mumbai आता है.

Simran sood

सब कुछ चल रहा है इसी दौरान उसकी मुलाकात एक होती है. एक model सिमरन सूद से जो Punjab की थी. अपनी किस्मत आजमाने Mumbai आयी थी.

कुछ छोटी मोटी b grade की फिल्मों में एक दो में काम भी करती है. modeling करती है, लेकिन उसे कोई कामयाबी हासिल नहीं होती,

तो अब उसे लगता है कि वक्त बीतता जा रहा है उम्र बढ़ती जा रही है फिर वो Dubai जाती है Dubai में जाकर अपना plastic surgery कराती है. मुंबई में भी कराती है ताकि वो कम उम्र की दिखे अच्छी देखिए फिल्मों में और modeling में उसे chance मिलता रहे.

और इसी दौरान विजय पलांडे उसके संपर्क में आता है,, दोनों में दोस्ती होती है, दोनों शादी कर लेते हैं,

अब इधर विजय पलांडे नए नाम के साथ Bangkok जा चूका था, नया Passport था Santosh Shetty गैंगस्टर के संपर्क में काम कर रहा था.

लेकिन फिर उसे कुछ वक्त के बाद लगा कि अब Mumbai चलना चाहिए, और वो सिमरन सूद के साथ Mumbai पहुँचता है.

ये 2007 की बात है विजय पलांडे Mumbai में एक जगह घूम रहा था, जब वो घूम रहा था तभी Arun Das जो है Air India Employee Union जिनके बेटे का 1998 में कत्ल हुआ था जो विजय पलांडे ने ही किया था.

उन के बेटी की नजर विजय प्लांडे पे पड़ती है. और वो हैरान रह जाती है क्योंकि अदालत के फैसले के बाद उम्र कैद की सजा हुई थी.

उसे लगा कि इससे तो कोलापुर जेल में होना चाहिए ये मुंबई में खुलेआम कैसे घूम रहा है. वो बड़ा ही हैरत में होती है. और सीधे भाग कर पुलिस के पास जाती है. और पुलिस में ये कहती है कि उसने अभी भी विजय पलांडे को देखा है.

Vijay palande

पुलिस की टीम फौरन हरकत में आती है उस एरिया में जाती है और विजय प्लांडे को गिरफ्तार करती है. पहले तो वो बताता है कि उसका नाम किरण कानू भाई राणा है. वो विजय पलांडे नहीं है. कागजात भी दिखाता है.

फिर पुलिस उसकी उँगलियों के निशान और बाकी चीजें जो पहले के रिकॉर्ड में थे. सारी मैच करती है तो पता चलता है कि यही विजय पलांडे है.

उसके बाद उसे फिर से वापस गिरफ्तार करने के बाद उसी कोल्हापुर जेल में वापस भेज दिया जाता है. 2007 में अभी जेल पहुँचता है. अब पुलिस को लगा कि अब इसके बाहर आने की कोई गुंजाइश नहीं है.

Vijay Palande

तब चौदह साल की उम्र कैद की सजा हुई थी 1998 में पहली बार ये कत्ल हुआ था. और उसी के बाद सजा हुई थी तो 2007 का मतलब 9 साल उसके हो गए और वो उसके बाद जेल में रहता है,

जब दूसरी बार पकड़ा जाता है इसके बाद अपने वकील के जरिए वो बॉम्बे हाई कोर्ट में एक अर्जी लगाता है कि क्योंकि उसने अपने हिस्से की उम्र कैद में से नौ साल की सजा काट ली है.

इसलिए अब वो जमानत का हकदार है तो उसे जमानत दिया जाए कुछ जरूरी काम है. कोर्ट भी उसकी इस अर्जी को मान लेती है. और उसे जमानत दे देती है.

बॉम्बे हाईकोर्ट अब अर्जी में ये था कि उसने नौ साल की सजा काट ली है. जबकि हकीकत ये थी कि जब वो उसको सजा हुई उसके नौ महीने के बाद ही वो पैरोल तोड़ कर भाग गया था.

और उसके बाद वो पकड़ा गया 9 साल के बाद तो उसने कायदे से अपने हिस्से की जो सजा थी वो एक डेढ़ साल के अलावा काटी ही नहीं, लेकिन ये बात मुंबई पुलिस ने अदालत ने बताई ही नहीं.

अदालत को लगा कि ये नौ साल से जेल में ही था. अदालत ने उसे इसी बिहाफ पर उसकी उसको जमानत देती और वो बाहर आ जाता हैं.

बाहर आने के बाद मुंबई पुलिस भी भूल गई विजय पलांडे भी अब इन से निकलना चाहता था उसे मालूम था लेकिन जो जमानत मिली थी.

लेकिन उसकी एक शर्त ये थी, कि ये मुंबई पुलिस में डेली जाकर हाजरी लगाएगा, लेकिन विजय पलांडे ने पहले ही दिन से इसने हाज़री नहीं लगाई

ये bailout हुआ. और एक बार फिर गायब हो गया, गायब होने के बाद ये फिर Bangkok पहुँचता है, वहाँ से London China Thailand Singapore.

और एक बार फिर अपना नाम बदल लेता है तीसरी बार पहली बार विजय पलांडे दूसरी बार Kiran Kanu bhai Rana और अब नया नाम Karan Sood था.

Karan Sood के नाम से वो export import का business करता है, और बाकायदा आजादी की ज़िंदगी जी रहा होता है.

Anuj tikku

फिर अप्रैल 2012 की तारीख आ जाती है. और अचानक Anuj Tikku के father Arun Tiku का Mumbai में कत्ल हो जाता है,

वो भी उन्हीं के flat में कत्ल होता है, जब कत्ल हो रहा था तब Arun Tikku शोर मचाते हैं और शोर उनके पड़ोसी सुन लेते हैं. कि help help.

पड़ोसी फौरन police को करते हैं 100 number पे call करने के बाद police की team पहुँचती है. तब तक दो कातिल वहाँ पे जो थे वो मौके से भाग जाते हैं.

चाकू से मारा गया था Arun Tiku को उनकी लाश मिलती है, कमरे की तलाशी ली जाती है तो police देखती है कि वहाँ पे बहुत सारे ऐसे bag और जो कसाइयों के पास चाकू होता है वो भी था.

उससे अंदाज़ा यही लगा कि लाश के टुकड़े करने के बाद एक suitcase में डालना था उसको कहीं ले जाकर ठिकाने लगाना था. लेकिन वक्त मिला नहीं पड़ोस सुन लिया police आ गयी तो कातिल वहाँ से भाग गए.

अब जब Arun Tikku का कत्ल हुआ तो police ने तफ्तीश की तो पता चला कि उनका एकलौता बेटा है Anuj Tikku जी, यहीं Mumbai में इसी flat पे उनके साथ रहता है.

लेकिन हैरतअंगेज तौर पर वो गायब, police उसे ढूँढ़ती है उसका mobile भी जो है वो घर में ही रखा हुआ था कहीं Anuj Tiku का पता नहीं चलता,

anuj tikku

अब police का सारा शक ये कि Anuj Tikku ने ही अपने बाप को मारा उसकी वजह ये थी, कि Anuj Tiku के father Arun Tiku दिल्ली में थे अच्छे businessman थे Nigeria में भी उन्होंने business किया था ठीक ठाक पैसे थे.

उनके पास Anuj Tiku यहाँ पे दिल्ली में ठीक ठाक काम कर रहा था लेकिन जब उसने Mumbai जाने का फैसला लिया तो father नाराज़ हो गए कि वहाँ पे कोई career का मतलब नहीं है क्या होगा क्या नहीं होगा तुम कब तक struggle करोगे लेकिन वो माना नहीं और Anuj Tiku Mumbai पहुँच गया.

मुंबई में छोटे मोटे ad और बाकी चीज़ों में काम करने लगा, इसी दौरान में अनुज टिकू के फादर अरुण टिकू ने जब देखा कि अब बेटा वहीं रहेगा.

Lokhandwala

तो उन्होंने उसे मुंबई में एक घर लेकर दिया लोखंडवाला में ये सामर्थ्य आंगन बिल्डिंग थी पाँच सौ स्क्वायर फीट के तीन फ्लैट उन्होंने खरीदे और उन तीनों को मर्ज कर दिया एक बड़े से घर के रूप में उस वक्त इसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपए थी.

उन्होंने देखा कि अब बेटा यही रहने की जिद कर रहा है तो यहीं रहेगा तो वो तीन करोड़ रुपए में ये फ्लैट मिला था तो पुलिस को जाँच में पता चला कि शायद थोड़ी बहुत फैमिली से अनबन भी थी मुंबई में काम करने और उसको लेकर

तो पुलिस का सारा शक जो है Anuj Tikku पर है कि उसी ने अपने बाप का कत्ल किया, और Anuj Tikku गायब हो गया है.

पुलिस तलाश करती है फिर पता चलता है, मोबाइल से उसके दोस्तों के बारे में, उसी मोबाइल में एक Karan Sood नाम भी मिलता है. पुलिस के मुखबिर काम पे लग जाते है,

इसी दौरान पता चलता है कि करण सूद गोवा में है, पुलिस की टीम गोआज आती है करन सूद को पकड़ती है Karan Sood के साथ अनुज टिकू भी था उसको लेकर मुंबई आती है,

बाकायदा पूछताछ होती है अब Anuj को पता ही नहीं था, कि उसके फादर का कत्ल हो गया लेकिन पुलिस के रडार पे वो सस्पेक्टेड था लंबी पूछताछ हुई.

उसके बाद Karan Sood से पूछताछ हुई Karan Sood से जब पूछताछ होने लगी तब पुलिस वालों को पहली बार शक हुआ कि ये Karan Sood नहीं है बल्कि ये विजय पलांडे है.

अब उनसे पूछताछ जब हो रही थी, तब तीन घंटे के बाद विजय पलांडे और इस केस को crime branch को सौंप दिया गया था crime branch जाँच कर रही थी,

तो local police से उसको crime branch की गाड़ी में बैठाकर दफ्तर ले जाना था, लेकिन तीन घंटे के अंदर अंदर विजय पलांडे police custody से भाग जाता है, और उसमें एक police वाले ने ही मदद की थी.

call

भागने के बाद वो अपने एक दोस्त को phone करता है जो शेयर मार्केट में था, उससे कुछ पैसे लेता है और अब उसको भागना था Mumbai से सीधे Bangkok.

लेकिन police की खबरी खबर दे देते हैं कि विजय पलांडे Church Gate के पास एक दोस्त से मिला है. और उसकी सारी जो सारी चीज़ें थी क्योंकि police ने police custody में कत्ल का आरोपी तीन घंटे में भाग गया.

तो Mumbai police के लिए भी शर्म की बात थी तो उन्होंने अपनी सारी ताकत लगा दी और आखिरकार उसी रात दो बजे के आसपास Church Gate से विजय पलांडे को गिरफ्तार कर लिया गया.

vijay palande

गिरफ्तार करने के बाद लाया गया उससे पूछताछ हुई, तो कहानी पता चली कहानी ये थी कि Anuj जिस घर में रहता था उसकी कीमत पता थी विजय पलांडे को,

और ये भी पता था कि ये विजय पलांडे फिल्मों में करता अकेला रहता है, मेरी नजर उसके घर पर थी कि इस घर को हथिया लिया जाए.

किसी third person के ज़रिए Anuj Tikku के वो संपर्क में आया. अपने आपको businessman बताकर उससे दोस्ती की, विजय पलांडे पास खुद Mercedes गाड़ी थी.

और दोस्ती करने के बाद वो धीरे धीरे Anuj Tikku के करीब आता गया, नजर थी घर पर लगभग दो साल की दोस्ती के बाद अब ये था कि कब्जा करना है.

तो प्लानिंग के पहले चरण के तहत जो इसकी जर्मन वाइफ थी. उसने इसको उस घर में भेजा कि हमारी एक दोस्त बता करके ये जर्मनी से है और तुम्हारे घर पे कुछ दिन रहना चाहती है,.

तो रेंट पे पाँच लाख रुपए उसने डिपोजिट दिए, और 30 हजार रुपये रेंट के हिसाब से एग्रीमेंट हो गया

german lady

और वो जर्मन महिला जो है वो वहाँ पे Anuj Tikku के घर में रहने लगी लेकिन इस एग्रीमेंट के कुछ ही दिनों बाद दस पंद्रह दिन बाद वो जर्मनी वापस चली गई.

जब वो जर्मनी वापस चली गई, तो विजय पलांडे ने अपने दो दोस्तों को उसकी जगह पे Anuj Tikku के घर पे रखवा दिया, वो रहने लगे इस दौरान मैं Anuj Tikku के फादर अरुण टिकू मुंबई पहुँच जाते हैं.

Anuj Tikku

अब वो देखते हैं कि घर का एक हिस्सा रेंट पे और दो अजनबी वहाँ पे रह रहे हैं उन्हें गुस्सा आता है वो बताते हैं कि हमारा तो एग्रीमेंट है वो कहते हैं मैं सारे पैसे वापस कर रहा हूँ आप लोग घर खाली करो उन दोनों को घर से निकाल देते हैं.

जब घर से निकालते हैं ये बात विजय पलांडे को पता चलती है, तो उसे लगता है कि अब इस घर पे कब्जा करने का जो मौका है वो खो जाएगा और Anuj Tikku के फादर ही इसमें सबसे बड़े रोड़ा है.

तो उसने प्लानिंग की अपने उन्हीं दोनों दोस्तों को घर भेजा और कहा कि इनका कत्ल कर दो और Anuj Tikku को अपने साथ अपनी गाड़ी में बैठाया और बोला चलो कुछ जरूरी काम से चलते हैं.

और जान बूझकर उसका मोबाइल उसके पास नहीं रहने दिया चोरी से उसका मोबाइल अपने पास रखा और फिर उसे घर में ही छोड़ दिया ताकि इस कत्ल की खबर Anuj Tikku तक ना पहुंचे

इसके बाद उन दोनों ने कत्ल किया Arun Tikku के लाश को टुकड़े करके फेंकने का इरादा था लेकिन पड़ोसी ने देख लिया। वो जब चिल्लाए तो वो कत्ल करने के बाद भाग गए.

Run

अब दूसरी इधर planning ये थी कि Arun Tikku के कत्ल के बाद Anuj Tikku को भी मार डालना था, तभी उस मकान पे कब्ज़ा होता है.

बाकायदा इसके लिए एक suicide note लिखा गया था Anuj Tikku की तरफ से उसी के नाम पे और plan ये था कि Arun Tiku के कत्ल के बाद Goa के आस पास ले जाकर Anuj Tikku को भी मार देना है.

लेकिन उससे पहले Mumbai Police वहाँ पहुँच गयी, और इन लोगों को पकड़ कर ले आयी, तो दो कत्ल होने थे Anuj Tikku की जान बच गयी. अब ये सारे खुलासा हुआ.

himanshu rai

उसके बाद Anuj Tikku को police ने छोड़ दिया Himanshu Rai joint commissioner थे उस वक्त उन्होंने बाकायदा press conference भी की थी.

उन्होंने कहा था कि Anuj Tikku को इसमें कोई उसका role नहीं है, अब ये मामला चल रहा था तफ्तीश जारी थी police सबूत इकट्ठे कर रही थी.

इसी दौरान में Karan Kakkar नाम के शख्स जो Haryana का था उसका भाई Mumbai Police पहुँचता है.

और कहता है कि पिछले एक महीने से March से ही मेरा भाई जो कि film में अपनी किस्मत आजमा रहा था बत्तीस पैंतीस साल की उम्र थी वो गायब है, और ना phone मिल रहा है. ना कुछ लापता है.

अब police परेशान इधर इस विजय पलांडे की जो सारी चीजें पकड़ी गई. उससे ये पता चला कि ये बड़े लोगों को इसी तरह से फांसते थे, उनके घर पर या पैसे कब्जा करते थे, और ये सारी चीजें होती थी.

तो क्या कहीं करण ककड़ के गायब होने में भी इनका रोल तो नहीं है, इसके बाद विजय पलांडे से पूछताछ शुरू होती है, और आखिरकार विजय पलांडे टूट जाता है.

और वो बताता है कि मुंबई के बाहरी इलाके में एक जगह है, जहाँ पे उसने करण कक्कड़ को मारने के बाद दफना दिया था. पुलिस पहुँचती है. वहाँ से कंकाल मिलते हैं. सर मिलता है.

डीएनए किया जाता है तो पता चलता है, कि हाँ ये करण कक्कड़ की लाश है. और इस तरीके से दूसरे कत्ल की कहानी खुल जाती है.

अब उस कत्ल की कहानी ये थी कि करण कक्कड़ का भी एक घर था Mumbai में और उसपे इन लोगों को कब्ज़ा करना था उसको कब्ज़ा करने के लिए उन्होंने Karan Kakkar के पास Simran Sood को भेजा.

simran sood

जो model थी एक honey trap के तौर पर उसने उससे दोस्ती की फिर उसने कहा कि हम लोग मिलके एक बड़े budget की film बनाएँगे। और जिस दिन ये सारी बातें हुई.

उसी दिन Karan Kakkar का इन्होंने kidnap कर लिया उसी की गाड़ी में, और Mumbai से दूर ले गए, वहाँ ले जाने के बाद चारों तरफ से उसे घेरा हुआ था.

और ये विजय पलांडे ने अपने statement में बताया, अब उसे पता ये मार देंगे तो उसे दो ऑप्शन दिया गया, उसे कहा गया कि या तो तुम खुली आँखों से अपनी मौत देखो और या तुम बेहोशी या नींद की दवा ले लो.

तो उसने दूसरा ऑप्शन चुना उसने कहा मुझे बेहोशी की आप दवा दे दो. तो उसे दवा दी गई उसके बाद उसके गला काटा गया उसके टुकड़े किए गए और वहीं पे दफना दिया गया.

तो इस तरीके से ये कत्ल भी खुला बाद में police ने इन सभी के खिलाफ charge sheet दाखिल की lower court ने उम्र कैद की सज़ा सुनाई High Court ने भी उम्र कैद की सज़ा सुनाई,

Simran Sood को support के लिए सजा मिली. फिर bail पे निकल गयी क्योंकि उन्हें उम्र कैद की सज़ा नहीं कम सज़ा मिली थी.

लेकिन विजय पलांडे और उसके दो साथी अभी भी जेल में बंद है और इस मामले में भी उम्र कैद की सज़ा हुई 1998 में उम्र कैद की सज़ा हुई थी.

और इस Karan Kakkar Arun Tikku के कत्ल के मामले में भी उम्र कैद की सज़ा हुई, अब सवाल यहाँ पे ये है कि, अगर 1998 Arun Das के कत्ल के मामले में उम्रकैद की पूरी सज़ा वो काटता तो शायद Arun Tiku और Karan Kakkar की जान बच सकती थी.

लेकिन जिस तरीके से उसने payroll तोड़ा, जिस तरीके से उसने उसके बाद bail लिया, और अदालत में भी झूठ कहा कि नौ साल वो jail में काट चुका जबकि उसने नौ महीने ही काटे थे. वहाँ पे police ने अपनी report नहीं दी बताया नहीं।

ये सारी गलतियाँ कहीं ना कहीं सारे एक सवाल खड़े करती है.

ये भी पढें Marilyn Monroe की मौत कैसे हुई, कत्ल किया गया, या फिर आत्महत्या है.

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