क्या आप जानते है; मटका खेल आया कहां से और कैसे इसकी शरुवात हुई

मटका है क्या, मटका एक तरह का सट्टा है, और ये आज़ादी के टाइम से खेला जा रहा है. कहते है कि इसकी शुरुआत जो हुई थी वो एक रतन खतरी नाम के शख्स की थी 1964 में, और इसकी शुरुआत इस तरह से हुई थी कि न्यूयॉर्क में कॉटन के कुछ रेट खुला करते थे, और मुंबई में भी था वो कॉटन एक्सचेंज का बाजार.

आज रेट किस भाव पे खुलेगा और किस भाव पे शाम को बंद होगा, जैसे अपना शेयर मार्केट जब शेयर मार्केट खुलता है, तो भाव क्या होता है फिर बंद क्या होता है, तो उस कॉटन के ऊपर क्योंकि बहुत सारे मजदूर जो मिल में काम करते थे, तो सारे लोग उनका बड़ा इंटरेस्ट होता था तो वो लोग इसके भाव के ऊपर बात करते थे.

कि आज इस भाव पे खुलेगा, और आज इस भाव पे बंद होगा, तो जो सटीक बताता था वो जीत जाता था, तो होता ये था कि भाव बताने के लिए सब अपनी अपनी पर्ची पे भाव लिख देते थे, और उसको एक मट्टी का जो मटका होता है, तो उसी मटके के मटके में सारे लोगों की पर्चियाँ डाल दी जाती थी जिसमें भाव लिखा होता था, और फिर वो पर्ची निकाली जाती थी तो जिसका भाव सही होता था, वो विनर होता था उसको पैसे मिलते थे, और उसे मटका किंग कहा जाता था,

बाद में धीरे धीरे ये चीज़ें बदली फिर कई सारे लोग आ गए, लेकिन ये मटका जो खिलाया जाता है, वो आज भी सबसे मशहूर है, उसमें से एक है कल्याण का मटका है और दूसरा एक वर्ली का इसके अलावा अहमदाबाद और बाकी जगह महाराष्ट्र में कई जगहों पे है. और ये कहते है कि कई हज़ार करोड़ का धंदा है ये, इसमें बहुत सारे लोग बिचारे बर्बाद भी हो गए.

शुरुआत में ये मटका जब खेल होता था ये आम तौर पे मुंबई में उस जगह पे हुआ करता था जहाँ पे मिल हुआ करते थे, जहाँ मजदूर काम करते थे, ये नंबरों का खेल है जो सही नंबर बताता है, वो विनर होता है, पर वक्त के साथ मटका का खेल भी बदला, अब तो ऑनलाइन भी होता है, और ऑनलाइन पे बाकी लोग बहुत सारे आपके एक्सपर्ट भी बैठते हैं, जो बताते हैं नंबरों का चक्कर क्या है कैसे आप जीत सकते हैं

हालांकि हिंदुस्तान में मटका अवैध है लेकिन पुलिस और सरकार के नाक के नीचे ये लगातार खेला जाता है. और कई हज़ार करोड़ रुपए का ये पूरा धंधा है. ये जो पहला जिसने ये मटके का खेल शुरू किया था 1964 में कहते है कि उसी के क्यारेक्टर और उसकी सारी चीज़ों को एक फिल्म में भी उतारा गया था.

फ़िरोज खान की फिल्म थी जिसका नाम था धर्मात्मा उस धर्मात्मा फिल्म में जो मेन विलन प्रेम नाथ ने जो रोल किया था वो कहते है कि रतन खतरी का रोल था. तो मटका हमारे यहाँ बड़ा पुराना खेल है और जुआ है लेकिन अफसोस की बात है कि इसमें जीतते लोग कम है हारते बहुत ज्यादा है.

Related Articles

Back to top button