MYSTERIOUS GHOST SHIP जिसमें सिर्फ लाशें और कंकाल आते थे.

MYSTERIOUS GHOST SHIP आती है जंहा चारों तरफ समुंदर है

और उस देश का एक इलाका एक किनारा जहाँ पे समुंदर के किनारे लोग रहते है.और जब तब कोई नाव उस किनारे पे आके टकराए और रुक जाए

और उसी नाव में इंसानी कंकाल मिले सर मिले हाथ मिले पैर मिले लेकिन अगर ये हर तीसरे चौथे दिन का सिलसिला बन जाए

हर महीने हर साल साल दर साल खाली नाव चला आ रहा है

MYSTERIOUS GHOST SHIP

दूर समंदर की लहरों में डगमगाते हुए और किनारे पर आकर लग जाए और जब लोग उस नाव की तरफ जाए

और देखे तो नाव में एक भी जिंदा इंसान नहीं बल्कि नाव में कंकाल इंसानी लाशें हाथ पैर तो किसी का भी चौंकना डरना लाज़मी है.

कंकाल

ये घटना Japan की है. और Japan एक ऐसा देश है, जो चाहे north east west south चारों तरफ से समंदर से घिरा हुआ है.

और से घिरे होने की वजह से चुके जो किनारा है उसी जापान में जो उनका north area है वहाँ की ये घटना है.और एक अजीब रहस्यमयी घटना जिसने सालों तक जापान को परेशान करके रखा

ना सिर्फ परेशान किया बल्कि लोग डरने लग गए.और लोगोने इस नाव को MYSTERIOUS GHOST SHIP नाम देना शुरू कर दिया,

ship

जापानी सरकार की तरफ से पैसे बेइंतहा बर्बाद हुए जापान के इस खौफ इस डर को रोकने के लिए जो लोगों में था कि कब पता नहीं कौन सा नाव आ जाए.

उस नाव में इंसानी लाशों लाशें और कोई सुराग नहीं ये लाशें ये कंकाल ये सर ये हाथ पैर कहाँ से आ रहे है.

और सबसे बड़ी अजीब बात ये है कि दूर दूर तक मिलो समंदर समंदर में आमतौर पे बड़े जहाज तो चलते है.

छोटे नाव लेकर कौन आ सकता है जान जोखिम में डाल करके क्योंकि छोटे नाव के साथ समंदर में लंबा सफर अपने आप में ही एक तरह से कहे तो जोखिम भरा है जान जा सकती है.

japan map

इस एरिया से जो लगती हुई जो सीमा है और जो बाकी देश है वो रूस दक्षिण Korea, North Korea Kim Jong un वाला,

तो ये सारे इलाके इन सारे देश की सीमाएँ इसी north की तरफ जो जापान का हिस्सा है वहाँ से लगती थी. और जापान में इसको North Coast भी कहते थे.

धीरे धीरे ऐसे MYSTERIOUS GHOST SHIP आने की तादाद बढ़ती गई, 2011 में ऐसे 57 नाव आकर किनारे पे लगे जिनमें अनगिनत लाशें थी.

2012 में 47 ऐसे नाव आए, 2013 में 80, ये जिसमें कोई जिंदा इंसान नहीं, 2014 में ये 65 गए तो साल दर साल तादाद उसी के आस पास और आती रही.

MYSTERIOUS GHOST SHIP

तो कुल मिला के ऐसे करीब हज़ार से ज्यादा नाव नार्थ कोस्ट के एरिया में आकर अपने आप सहि किनारे लगते रहे.

और लोगों का खौफ बढ़ता गया धीरे धीरे जब जापानी सरकार को भी लगा कि ये मामला बढ़ता जा रहा है.

और लोगों का खौफ बढ़ता जा रहा है तो सच्चाई का पता लगाया जाए. तब पहली बार सीरियसली उसकी जाँच शुरू की गई.

invistigation

आखिर इन नाव का राज है क्या इन नाव में जो लाशें आती है किनकी है कौन लोग है ये और इसी तरफ आकर ये नाव क्यों आकर रूकती है.

MYSTERIOUS GHOST SHIP आती कहां से है.

जब जाँच शुरू की गयी तो जो सारे नाव आकर लगे थे ये सभी चीजों में देखा गया तो कुछ खास चीजें बड़ी common दिखाई दी,

कुछ नाव के बाहर लाल रंग के paint दिखाई दिए लाल रंग के paint से वो पुता हुआ था,

और कुछ नाव में इत्तेफाक से उन्हें जो लिखा हुआ मिला वो Korean People s Army का नाम लिखा हुआ था.

Korean People s Army

Korean People Army और ये Korea ही भाषा में लिखा हुआ था तो Japan के जो अधिकारी थे उन्होंने फिर उसको expert से पढ़वाया तो पता चला कि ये Korea language है.

फिर धीरे धीरे जाँच की गयी तो पता चला कि ये सारी चीजें North Koreaकी है.

तो ये नाव People Republic Army और जिस तरीके के लाल रंग से लिखा हुआ है ये सारे North Korea की तरफ इशारा कर रहे थे.

कुछ ऐसे उस नाव से कुछ ऐसे सामान भी मिले और कुछ ऐसे चीज़ें मिली सबूत जो इशारा कर रही थी,

कि जितने भी MYSTERIOUS GHOST SHIP और नाव यहाँ पर आकर लगे हैं ये North Korea से हैं.

MYSTERIOUS GHOST SHIP

अब जो जाँच करता थे जिन्होंने जाँच की उन्होंने ये कहा कि ये North Korea से हैं लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं,

उसकी बहुत बड़ी वजह थी नार्थ कोरिया से जापान के इस नार्थ कोस्ट की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर थी और जो नाव थे नाव थे वो सारे छोटे थे.

तो एक हजार किलोमीटर की दूरी एक छोटे नाव में तय कर कोई नार्थ कोरिया से जापान के इस इलाके में आए ये खुदकुशी करने के बराबर है.

लेकिन जाँच ये बता रही थी कि ये सारा मामला नॉर्थ कोरिया से आ रहा है. और ये सारे नाव जो है वो नार्थ कोरिया के है.

north korea

जापान के लोगों से पूछताछ के बाद पता चला की 1975 के आसपास पहली बार नाव Japan के इस north coast में किनारे आकर लगा था.

और 1975 के बाद से ये सिलसिला चलता रहा लगभग अगले पैंतीस छत्तीस सालों तक और ये MYSTERIOUS GHOST SHIP आते रहे लगते रहे.

MYSTERIOUS GHOST SHIP की सच्चाई

और तफ्तीश की तो पता चला की इस पूरे इलाके में जो North Korea और चीन और जापान के बीच के समुद्री जो पूरा एरिया है.

उस एरिया में Flying Squid नमक एक मछली पायी जाती है. और काफी मशहूर है खास तौर पर चीन में चीनी लोग इस मछली को बहुत ज्यादा पसंद करते है.

Flying Squid

तो ये मछली प्रशांत महासागर में पायी जाती है, और इन मछलियों की डिमांड चीन में बहुत है.

डिमांड की वजह से इन मछलियों को इतना ज्यादा इन्होंने इसकी फिशिंग करनी शुरू की कि धीरे धीरे इन मछलियों की उत्पत्ति कम होती गई.

लगभग सेवेंटी परसेंट इन मछलियों की कमी हो गई इतनी ज्यादा डिमांड की वजह से इन्होंने फिशिंग हद से ज्यादा करनी शुरू कर दी.

Flying Squid fish

और फिशिंग के लिए ये लोग छोटे छोटे नाव का इस्तेमाल किया करते थे, चीन अपने दायरे में, नार्थ कोरिया अपने दायरे में, इधर जापान अपने दायरे में,

जब फिशिंग ज्यादा हो गई ,और मछलियां कम होने लगी, और चीन में डिमांड ज्यादा बढ़ने लगी.

तो चीन ने क्या किया कि अपने बड़े बड़े फिशिंग जहाज़ जो है वो समुद्र में उतारे और अपनी समुद्री हद से आगे निकल कर वो नार्थ कोरिया की समुद्री सीमा तक में दाखिल हो गया.

China and north korea

अब नार्थ कोरिया और चीन के रिश्ते हम सब जानते हैं तो इसमें दो चीजें थी कि एक नार्थ कोरिया ने इजाजत दी या दूसरा कहते हैं कि नाथ कोरिया ने पैसे लिए चीन से,

और बदले में चीन ने फिर नार्थ कोरिया की समुद्री सीमा में अपने जहाजों को भेजना शुरू किया और मछलियां पकड़ना शुरू की ,

अगर चीन के बड़े जहाज़ नॉर्थ कोरिया की हद में आ गए तो जो नार्थ कोरिया के मछवारे थे उनके लिए बड़ी मुश्किल पैदा हो गई,

big fishing ships

वो छोटे छोटे नाव पे थोड़ी दूरी तक जाकर मछली पकड़ते थे, ये चीन के बड़े जहाज़ से आते थे और पूरी मछली पे हाथ मार के लेके चले जाते थे.

MYSTERIOUS GHOST SHIP आते क्यों थे

तो फिर नार्थ कोरिया के मछवारे बड़ा परेशान होने लगे,

उनके हाथ में कम मछली आने लगी सरकार कुछ कर नहीं रही थी.

तो इसी के बाद कोरिया के कुछ मछुआरों ने कहा कि

अब चीन इस दायरे में तो मछली पकड़ रहा है.

तो वो अपनी जीविका कमाने के लिए और इस मछली को पकड़ने के लिए

थोड़ी अपनी हद से फिर आगे जाने लगे.

north korea fishing man

उन छोटे नाव पर जिनसे समंदर में बहुत दूर तक जाना खतरनाक था एक तरह से सुसाइड एटेम्प था, लेकिन जिंदगी जीने के लिए पैसे जरूरी है.

और उन लोगों की जीविका यही थी मछली पकड़ना तो धीरे धीरे वो छोटे नाव जरिए छोटे वोट के जरिए मछली पकड़ने के लिए धीरे आगे निकलने शुरू हो गए.

MYSTERIOUS GHOST SHIP

आगे निकले तो कई बार समुद्री तूफान लहरों ने उनका रास्ता भटका दिया और वो भटकते भटकते जापान के इस नार्थ कोर्स की तरफ चले गए.

लेकिन चीन की इस बड़े जहाज के बीच में अपने लिए रोजी रोटी कमाने की जो उनके अंदर एक ललक थी उसने इन्हें मौत के मुँह में ढकेलना शुरू कर दिया,

MYSTERIOUS GHOST SHIP

अगर पचास की तादाद में निकलते तो किसी दिन अड़तालीस लौटता,

दो गायब, किसी दिन एक गायब, किसी दिन तीन गायब,

और ये इसी तरीके से समंदर में भटकते हुए कई कई दिनों तक

महीनों तक रास्ता चुके भटक गए.

और ये जो छोटे छोटे नाव थे, जो रास्ता भटक गए,

ये नाव जापान के उस के किनारे जाकर लगने लगे.

MYSTERIOUS GHOST SHIP

और इतना वक्त गुजर जाता कि भूख प्यास से उसमें मछवारे दम तोड़ देते थे

उसी में उनकी हालत कंकाल जैसी होती,

और धीरे धीरे इनके आने का सिलसिला इतना लंबे तक चला

और हर साल पचास साठ सत्तर ऐसे MYSTERIOUS GHOST SHIP आने शुरू हुए,

kim joung un north korea

कैसे पता चला कि ये MYSTERIOUS GHOST SHIP North Korea के ही थे

जो शुरुआत में जाँच की थी उन्होंने पाया था कि लाल रंग से लिखा हुआ था

People Republic Army कुछ ऐसे सबूत जो North Korea की तरफ इशारा कर रहे थे,

बाद में दो organisation ने इस MYSTERIOUS GHOST SHIP की पूरी जाँच की, एक 2007 में UNO ने United Nation ने.

united nations organisation

तो उन्होंने अपनी एक team बनाई थी investigative team जिसने ये सारी चीज़ें देखी, और उसके बाद अपनी report दी,

इसके अलावा एक और team थी जो अपनी उन्होंने एक तरफ से जाँच की,

और ये जो दूसरी team थी ये एक international journalist की team थी.

इनकी अपनी एक agency एक संस्था है इन दोनों ने इस पूरे मामले की जाँच की,

और पाया कि चीन के North Korea के समुद्री हद में बड़े जहाजों के साथ flying Sqiud की fishing करने के चक्कर में,

flying Sqiud fish

North Korea के गरीब और छोटे मछुआरे समुद्री रास्ता भटक गए और इसी वजह से उनकी जान जाती गयी.

और इत्तेफाक कहिएगा इसे कि ये North Korea के जो मछवारे थे जापान के North Coast में कंकाल की शक्ल में पहुँचना शुरू हो गए.

उन्होंने अपने report में इसके साथ कई सबूत दिए, उन्होंने बताया कि.

इस एक्स्ट्रा फिशिंग से चीन करीब एक साल में ही लगभग

साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए नार्थ कोरिया के हद में जाकर कमा रहा था,

china

और वहाँ पे तो जब ये रिपोर्ट आई उसके बाद नार्थ कोरिया को बताया गया,

इधर नार्थ कोरिया की कहानी ये थी कि नार्थ कोरिया के मछुआरे गायब हो रहे हैं,

और चीन को भी ये सब पता है छोटे छोटे मछुआरे जो गायब हो रहे हैं, और नार्थ कोरिया को भी पता है कि उनके अपने नागरिक है.

लेकिन ये लोग हमेशा खामोश रहे जब ये यूएन और इंटरनेशनल जो जर्नरिस्ट एसोसिएशन है,

इन दोनों की रिपोर्ट आई उसके बाद North Korea को ये बताया गया

MYSTERIOUS GHOST SHIP

और जापान ने वो proof दिए उन सारे जो कंकाल मिले थे,

उसको उन्होंने कुछ सारे सबूत संभाल कर रखे थे,

तो बाद में North Korea ने भी माना कि हाँ ये जो boat है

नॉर्थ कोरिया ने माना कि जो नाव है, वो वहाँ के गरीब मछुआरे थे,

जो अपनी रोजी रोटी की तलाश में निकले थे.

MYSTERIOUS GHOST SHIP

लेकिन चीन के जब बड़े जहाजों ने उनके मछली को हड़पना शुरू कर दिया,

तो वो छोटी जहाजों से समंदर के थोड़े आगे तक जाना के लिए मजबूर हो गए.

एवरेज अगर पचास साठ नाव एक साल में, तो 1975 सिलसिला शुरू हुआ और 2014 तक ये चला.

तो आप अंदाजा लगाइए कि करीब उनतालीस साल पचास नाव के हिसाब से भी

skeleton

कितने नाव कितने जहाज जापान के उस किनारे पर लगे होंगे,और कितने लोगों की जानें गयी होंगी।

आराम से आप गिनती लगा सकते हैं. उनतालीस साल average पचास नाव हर साल,

और उसमें औसतन दो से तीन चार कंकाल इंसानी लाशें तो जब ये सारी चीजें सामने आयी

तो North Korea ने मान लिया, ये लोग बस गरीबी और मजबूरी के मारे थे

जो रोजी रोटी की तलाश में समंदर में भटक जाते थे और जिनकी जान चली जाती थी.

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