Area-51 क्या है, Area-51 बना कैसे, और Area-51 रहस्यमयी कैसे बना

Area-51 क्या है

दुनिया में बहुत सारी ऐसी रहस्यमय जगह है जिनके रहस्य से आज भी पर्दा नहीं उठ पाया लेकिन इस पूरी दुनिया में एक 3.7 का ऐसा एरिया है जिसको लेके पिछले करीब साठ पैंसठ सालों से तमाम बातें हो रही है,

कि इस 3.7 किलोमीटर के एरिया में ऐसा क्या है कौन सा राज दफन है, जो किसी आम इंसान को वहाँ पे जाने नहीं दिया जाता, इतनी सख्ती है, कि चौबीस घंटे तीन सौ पैंसठ दिन वहाँ पे पहरा होता है,

बाकायदा बोर्ड लगा हुआ है. और है वहाँ पे आम आदमियों को ये साफ कहा जाता है, कि अगर किसी ने घुसने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा, बहुत मुमकिन है क्योंकि उसको गोली भी मार दी जा सकती है.

area-51

और इस पूरे एरिया की निगरानी अमेरिकी एयरफोर्स करती है, और उनके सैनिक करते है, एक छोटा सा 3.7 किलोमीटर के एरिया में आखिर ऐसी क्या चीज है क्या राज़ है, जिसकी वजह से इसकी इतनी निगरानी की जा रही है,

और पिछले साठ पैंसठ सालों में आज तक उसका कोई रहस्य सामने नहीं आया, कहानियां बहुत सारी सामने आई इस जगह का नाम जो है. Area-51 आप लोगों ने बहुत सारे ने सुना होगा।

अब Area-51 ये जो 3.7 किलोमीटर है. इसका नाम Area-51 क्यों है हालांकि आज तक ये कोई भी मतलब समझ नहीं पाया कि किसके पीछे का मतलब क्या है, लेकिन पूरी दुनिया में Area-51 के नाम से जाना जाता है.

ये Area-51 है कहां

Area-51 अमेरिका में एक जगह है, Nevada और Nevada के south हिस्से में पार्क में एरिया फिफ्टी वन है, इसे एक सूखी झील भी कहते हैं. जिसके ऊपर ये 3.7 किलोमीटर का हिस्सा है. और वहीं पे ये Area-51 बना हुआ है.

Area-51 nevada usa

हालांकि इसको Nevada टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज भी कहते हैं. मगर Area-51 वन ज्यादा मशहूर है, लेकिन Nevada टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज ये भी इसका नाम है. अब सवाल ये है कि Area-51 का नाम क्यों आया इसके रहस्य क्या है, और क्यों।

ये Area-51 बना कैसे

इसको लेके इतनी बातें होती है तो, इसकी बनने की शुरुआत कैसे होती है. आपको शुरुआत की बात बताऊँ तो सबसे।पहले जून 1959 की बात है जून 1959 में मीडिया में एक पहली बार एक खबर छपती है.

और खबर ये छपती है कि Nevada के इस 3.7 किलोमीटर एरिया के ऊपर, आसमान में नीली हरी बत्तियाँ जलती हुई देखी गयी, और एक अजीब सी रहस्यमय रोशनी थी और उड़ते हुए लोगों ने देखा उस रोशनी को तो पहली बार जून 1959 में ये बात सामने आयी.

alien

मतलब आज से करीब 81 साल पहले जब ये बहुत सारे लोगों ने देखा Nevada के आसपास जो रहते है तो उनमें से एक Reno Gazette नाम का एक अखबार था. शाम का अखबार जो होता है, उसने इस खबर को पहली बार छापा,

कि जिस तरीके से Nevada के आसमान में रहस्यमय प्लेन देखा गया और इसके बाद धीरे धीरे फिर ये खबर फैली और बाद में रोशनी देखी गयी. और बाकी मिडिया ने भी इसको कवर करना शुरू कर दिया, 

इसके बाद धीरे धीरे वक्त बिता और कई लोग दावा करते है, कि आसमान में अजीब सी वो रात को रोशनी देखते है, एक अजीब सा प्लेन देखते है, और इसको लेके चर्चाएं शुरू हो गयी, लेकिन वो क्या था कैसा था इस बारे में कोई पुख्ता तौर पर कहने वाला नहीं था.

Area-51 रहस्यमयी कैसे बना

रहस्य बनना कैसे शुरू हुआ. और ये कहानी फिर कैसे शुरू हुई, पिछले साल अमेरिका में एक campaign चला और इस campaign का नाम था storm Area-51 they can’t stop all of us ये एक सोशल मिडिया पे campaign चला.

Area-51

और इस campaign का मतलब ये था कि वो अमेरिका के ही लोग ये चाहते थे कि Area-51 का रहस्य जाने, और उन लोगों ने तय किया कि इस campaign के through वो Area-51 में दाखिल होंगे। जो कि restricted area है.

देखते ही देखते इस campaign में करीब 15 लाख लोग शामिल हो गए, और उसके बाद इन्होंने ये तय किया कि ये 28-July-2019 को सुबह सुबह तीन बजे Area-51 में दाखिल होंगे।

campaign से जुड़े हुए 15 लाख लोग हैं, आप सोचिए अमेरिकी सरकार में भी हड़कंप मच गया कि ये क्या है. campaign इतना successful हो रहा है और लोग Area-51 में जबरदस्ती घुसने की बात कर रहे हैं.

तब air force को दखल देना पड़ा USA air force को और US air force ने एक चेतावनी जारी की कि अगर यहाँ किसी ने घुसने की कोशिश की तो, वो उनके लिए बेहद खतरनाक साबित होगा और खैर इसके बाद किसी तरह से इस कैंपेन को रोका गया.

obama

तो ये बात फिर चर्चा में आई इससे पहले बराक ओबामा ने एक बार इसका जिक्र किया था और उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा था कि हाँ Area-51 है, लेकिन क्यों है क्या है इस बारे में उन्होंने ज्यादा खुलासा नहीं किया।

पहली बार अमेरिका में एक एक अमेरिकन सिटीजन ने पीआईएल दाखिल किया, और उसने पूछा था Area-51 के बारे में, तब अमेरिकी खुफिया Agency CIA ने पहली बार 2013 में CIA ने ये खुलासा किया पहली बार आधिकारिक तौर पर माना कि हाँ एक Area-51 है लेकिन ये एक ट्रेनिंग सेंटर है. यहाँ पे जो बाकी कहानियाँ चल रही है वैसा कुछ नहीं है.

Area-51 रहस्यमयी बनने की कहानिया

अब सवाल ये कि कहानियाँ क्यों चल रही थी और क्या कहानियाँ थी, 1947 में New Mexico के इलाके में एक UFO के क्रैश होने की खबर आयी, लेकिन हम हमेशा UFO को Alien के साथ जोड़ते है.

ufo

तो पहली बात ये कि क्या सही है. अगर UFO को आप full form की बात करें तो फिर इसका मतलब दूसरा निकल आता है. UFO means unidentified flying object मतलब एक ऐसा प्लेन जो आसमान में उड़ा और जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं, ना ATC को है, ना उस देश को है. UFO उसको कहते है U For unidentified F for flying O for object

लेकिन हमेशा UFO को हम लोगों ने alien के साथ जोड़ा तो पहली बार ये खबर आयी कि 1947 में New Mexico के Roswell इलाके में एक UFO क्रैश कर गया. और UFO जो क्रैश किया उसमें बैठे बहुत सारे लोग मारे गए,

लेकिन जो खास तौर पे ये था कि उसमें Alien थे. सारे Alien मारे गये लेकिन एक Alien ज़िंदा बच गया. और उसी Alien के ऊपर research करने के लिए, इस इलाके को चुना गया, और Area-51 में दरअसल Aliens के ऊपर study और research चलता है, ये सबसे पहले खबर आयी है.

और धीरे धीरे यही सब चीज़ है जब आसमान में नीली हरी रौशनी की उड़ने की बात आयी. तो यही कहा गया कि वो UFO है जो दूसरे ग्रह से आता है. और उसमें Aliens है. और ऐसा ही एक Alien इस Area-51 में है.

और इस तरह UFO और Area-51 रिश्ता इस तरीके से एक साथ बन गया.

Robert Bob Dozier

1980 के दशक में Robert Bob Dozier नाम के एक आदमी ने ये दावा किया कि वो Area-51 में पहले काम कर चुका है, और बाकायदा उसने कहा कि वहाँ पे दूसरे ग्रहों से आए हुए Aliens के ऊपर और उनकी technology से जुड़ी हुई जाँच होती है.

और उसने उस वक्त media को कुछ तस्वीरें भी दिखाई जो एक तरह से एक Alien जो मुर्दा था उसके postmortem की कुछ तस्वीरें थी उसकी autopsy report की तस्वीरें थी हालांकि बाद में ये जो Robert Bob Dozier नाम का शख्स था जिसने दावा किया था कि Area-51 में वो काम करता था उसका ये दावा झूठा निकला।

Area-51 को और रहस्यमयी बनाने में Hollywood की फिल्मों का भी काफी बड़ा रोल रहा है, एक film आयी थी Independence Day बहुत ही hit film थी, इसमें भी एक जगह पे इस film में दिखाया गया था कि कैसे एक जगह है। जहाँ पे Aliens का test होता है उनकी laboratory है और UFO देखो जाने की भी अफवाहें कहीं है.

दरअसल Area-51 में Alien और बाकी चीजों का नहीं बल्कि time travel को लेकर US के जो expert और scientist है वो वहाँ पे research कर रहे है America वक्त से आगे कैसे जा सकते है या वक्त से पीछे खुद को कैसे ले जाया जा सकता है उसका research Area-51 में हो रहा है.

Neil Armstrong

एक तो और भी कुछ चीजें आयी उसको लेके बहुत सारे experts की भी बातें आयी है. वो ये है कि Neil Armstrong नाम आपने सुना होगा Neil Armstrong जो चाँद पर जाने वाले पहले शख्स है

तो लोग दावा करते है कि दरअसल Neil Armstrong कभी चाँद पे उतरे ही नहीं, ना उन्होंने चाँद पे पहला कदम रखा बल्कि ये Area-51 की ही सारी तस्वीरें थी. और यही Area-51 में तस्वीर खींचकर America ने दुनिया में फैलाया कि उसने Neil Armstrong को चाँद पे भेज दिया।

CIA का क्या कहना है इसके बारे में

CIA ने पुख्ता तौर पे कहा वो ये कहा कि Area-51 में दरअसल तरह के planes की testing होती है. और इसीलिए लोगों को यहाँ पे रोशनी दिखाई देती है/ आसमान में नीली पीली हरी और वो समझते है की वह UFO है.

cia

लेकिन वो UFO नहीं है बल्कि अलग अलग America अपने plane की testing करता है. और testing के लिए जब ये plane उड़ान भरता है, तो लोगों को लगता है कि ये UFO है और खास तौर पर अमेरिकी खुफिया agency CIA के पास एक U-2 नामक प्लेन है, जो एक जासूसी प्लेन है.

जो दुश्मन मुल्क में जाकर टोह लेता है कि दुश्मन के यहाँ क्या तैयारी चल रही है. क्या कुछ नहीं चल रहा है. तो उनका कहना था कि, Area-51 में दरअसल शुरुआत जो हुई थी जासूसी की वो इसी CIA के प्लेन U-2 से हुई थी. और U-2 को ही जब लोगों ने आसमान मोड़ते हुए देखा तो उन्हें लगा कि ये शायद UFO है.

अब U-2 प्लेन क्या था

तो जब cold war चल रहा था. तो उस वक्त सोवियत यूनियन संघ और अमेरिका दोनों एक दूसरे के खिलाफ लगातार जासूसी में लगे हुए थे. कि दोनों दुश्मन एक दूसरे के खिलाफ क्या तैयारी कर रहे हैं.

u2 plane

तो कई ऐसे प्लेन थे जिसमें आप जब जासूसी करने जाते थे, तो पकड़े जाने का डर रहता था फिर पकड़ने के बाद भेद भी खुल जाता था, किस देश से हैं. तो उसी दौरान एक ऐसा प्लेन जो जासूसी कर सके. और पकड में न आये , ऐसे प्लेन और उसकी टेक्नोलॉजी पे काम शुरू हुआ. और उसी में U-2 का जन्म हुआ.

U-2 का जन्म उस जमाने में हुआ. उस वक्त कहते हैं कि जो कमर्शियल फ्लाइट थी वो भी बीस तीस हजार फुट की ऊँचाई पे उड़ाई करती थी. जो जंगी जहाज थे वो उससे थोड़ा उपर उडते थे, लेकिन यू टू प्लेन 60 हजार फीट ऊपर आसमान में भी उड़ान भर सकता था.

और इसलिए दुश्मनों की नज़रों में भी नहीं आता था, और आराम से वो अपना जासूसी करता था. U-2 को लेकर अमेरिकी Air Force और CIA में भी लड़ाई हुई थी, कि ये किसके पास रहेगा आखिर में जीत CIA की हुई थी. क्योंकि CIA ने कहा जासूसी उसका काम है.

usa air force

U-2 प्लेन भी जो उनके अपने जो एजेंट होते हैं जासूस वो ही उड़ाते थे, ताकि अगर पकड़ा भी जाए तो देश का भेद ना खुले, और कोई भी देश अपने आप को बचा सके.

लेकिन फिर बाद में एक बार सोवियत यूनियन संघ के सेना ने U-2 को पकड़ लिया। और निशाना बनाके मार गिराया। मार गिराने के बाद उसका जो पायलट था उसका नाम था Francis Geary Powers उसको गिरफ्तार कर लिया और इससे U-2 का पूरा भेद खुल गया कि ये प्लेन जासूसी प्लेन है. और ये Area-51 से उड़ता है. ये सारी चीज़ें सामने आ गयी.

उससे पहले U-2 के पकड़े जाने से पहले एरिया फिफ्टी वन में इतनी सख्ती नहीं थी. बाद में इस पूरे एरिया में कटीरे तार लगा दिए गए, बाढ़ लगा दिए गए, आम लोगों के घुसने पे रोक लगा दी गई, और कोई घुसने की कोशिश करेगा तो गोली मार देंगे।

आखिर यहाँ पे है क्या

CIA का कहना है कि यहाँ पे एक एयरफोर्स का रिसर्च सेंटर है, इसलिए हम लोग सख्ती बरतते हैं. इसलिए हम लोग इसको राज़ रखते हैं, अलग-अलग तरह के अलग-अलग प्लेन्स के अलग-अलग चीजों पे रिसर्च होता है तो उसको गुप्त रखा जाता है.

इसके बाद अचानक एक और खबर आती है अब वो खबर ज्यादा चौंकाने वाली है क्योंकि ये खबर कहीं ना कहीं Area-51 से जुड़ी हुई कहानियों की तरफ इशारा करती है.

और खबर एक ऐसे शख्स के जरिए आयी, जो इजरायल के एक्स internal security program के head जो थे. 2011 में वो रिटायर होते है, Israel के अंतरिक्ष programming के head उनका नाम Haim Eshed था.

Haim Eshed

Haim Eshed  ने Israel के एक newspaper में एक interview दिया रेटायर्मेंट के करीब आठ साल बाद 2019 में और उस वक्त उनकी उम्र अच्छी खासी हो गयी थी. उस interview में जो कुछ कहा उसने पूरी दुनिया को चौका दिया था.

इस interview में उन्होंने  Area-51 का तो जिक्र नहीं किया लेकिन Aliens का ज़िक्र किया, और उन्होंने कहा कि अमेरिका के जो भी राष्ट्रपती Donald Trump वो Aliens के बारे में अच्छी तरीके से जानते हैं. और बल्कि वो Aliens के बारे में कुछ ऐलान करने वाले थे.

Donald Trump

पर ऐन वक्त पर Donald Trump रुक गए और उन्होंने Aliens के बारे में कुछ नहीं कहा, इसलिए क्योंकि शायद अभी इंसान इस बारे में पूरी तरह समझदार और तैयार नहीं है, वो सच्चाई जानने के लिए। ये Haim Eshed ने एक इंटरव्यू में दावा किया

और उसके दावे में पूरी और उन्होंने क्या चीजें कही वो अपने आप में बहुत ही इंटरेस्टिंग है तीस साल तक इजरायल के स्पेस सिक्योरिटी प्रोग्राम के हेड थे Haim Eshed तो अगर 30 साल तक वो इजरायल के स्पेस प्रोग्राम के हेड है. तो उनकी बातों को सीरियस ना लेने की कोई वजह नहीं है.

Area-51

तो उनका ये कहना है की एक गैलेक्टिक फेडरेशन बनाया गया. जो अमेरिका के साथ इजरायल ने मिलकर बनाया और ये एक गुप्त समझौता था. इस समझौते के तहत मंगल ग्रह पर जमीन के अंदर एक तरह के खास base एक अड्डा चल रहा है.

और उनके हिसाब से वहाँ पे Aliens के साथ इंसान touch में है जो space में है वो भी इंसान touch में है उन्होंने जो इजरायली newspaper है yediot ahronot उससे पूरा interview दिया और उसमें  उन्होंने ही इस बात का खुलासा किया है.

Area-51

उनका ये कहना है कि जो aliens है, दूसरे ग्रह के उनके साथ अमेरिकी खुफिया agent और इस तरह के जो experts है, वो लगातार संपर्क में है और Israel के भी experts संपर्क में है. और Aliens के साथ इंसानों ने एक समझौता किया है.

मतलब दो देश के लोगों ने एक America और एक Israel और ये समझौता इसलिए हुआ कि जो Aliens है. जो मंगल पे है. और बाकी ग्रहों पे है वो ब्रह्माण्ड के पूरे system को समझना चाहते है. यहाँ पे इंसान की जिंदगी कैसे है. क्या कुछ है,

और बदले में समझौता है कि हम आप Alien के बारे में समझना चाहते हैं, तो इन दोनों के बारे में इनका तो Interview में ये भी कहना है, कि बाकायदा समझौते के दस्तखत हुए दोनों तरफ से Israel और America के बीच में तो ये जानकारी है.

Aliens के साथ इनके दस्तखत हुए बाकायदा कि इस पूरे समझौते पे, कि हम आपकी दुनिया के बारे में आप हमें बताये, और हम हमारी दुनिया के बारे में हम आपको बताएँगे। उन्होंने तभी कहा था कि जब ये समझौता हो गया.

इसके बाद Donald Trump ने एक बार Aliens की मौजूदगी के बारे में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाने वाले थे. और उसमें ऐलान करने वाले थे, एलियंस की मौजूदगी और उनकी सच्चाई के बारे में लेकिन गैलेक्टिक फेडरेशन के एलियंस ने ही उन्हें रोक दिया।

कि अभी आप इसका ऐलान ना करें पहले इंतजार करने के लिए कहा कि, ये दुनिया और इंसान ये लोग थोड़े लायक हो जाएं कि, समझ सकें कहीं पैनिक ना हो जाएं, बाकी सारी चीजें ना हो जाएं। तो इसलिए अभी आप इसको गुप्त रखिये और मत बताइए। ये उन्होंने बाकायदा interview में दावा किया हैं.

Haim Eshed वो पूरी दुनिया की university में अलग अलग पढ़ा चुके है, लेक्चर दे चुके है, बहुत सारे award जीते है, उन्होंने कहा कि शायद अभी ये बात मैं कहूँ, बहुत सारे लोग मुझे पागल समझेंगे लेकिन हकीकत यही है, कि ये एक ऐसा समझौता हुआ है,

Aliens और America और Israel के लोगों को इस बारे में जानकारी पूरी है, उन्होंने जो आगे कहा है वो ये कहा है कि अमेरिकी सरकार और Aliens के बीच समझौता हुआ है, Aliens ने यहाँ पर परीक्षण करने के लिए हमारे साथ एक समझौते पर दस्तखत किया है.

वो भी पूरे ब्रह्माण्ड के ताने बाने पर शोध कर रहे है और उसे समझने का प्रयास कर रहे है, वो चाहते है कि हम इस काम में उनकी मदद करे मंगल ग्रह की गहराइयों में Aliens का एक अड्डा है. वहाँ पर Aliens के प्रतिनिधि और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री मौजूद है.

Haim Eshed आगे ये भी कहा है कि अभी तो नहीं, लेकिन कभी ना कभी इस बात का खुलासा दुनिया के सामने हो जाएगा। उसके बाद लोग उनकी बात को मानेंगे। उनका कहना है कि UFO को लेकर या Aliens को लेकर जितनी भी चीज़ें बातें जो हो रही है वो झूठ नहीं है.

लेकिन Area-51 के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा तो एक इजरायली एक experts Haim Eshed उसका एक दावा कि Donald Trump ऐलान तक करने वाले थे. दूसरी तरफ UFO का एक क्रैश होना Area-51 में aliens के ऊपर रिसर्च करना, time travel के ऊपर वहाँ पर रिसर्च करना,

ये सारी बातें और यही सारी बातों ने मिलाकर Area-51 वन को दुनिया का सबसे रहस्यमय इलाका बनाती हैं हालांकि बहुत ही छोटा 3.7 किलोमीटर का कुल दायरा है. ये लेकिन सबसे रहस्यमय बन रखा है. और आज भी रहस्यमयी है

लेकिन एक चीज इससे साफ होती है जब 2013 में CIA ने इस बारे में पहली बार कहा कि Area-51 है exist करता है तो वो जो कहानियाँ novel किस्से होते थे, सिर्फ उनको एक सबूत मिला. Area-51 नाम की एक चीज है.

जो रहस्यमय है लेकिन उस area के अंदर होता क्या है. ये तभी पता चल सकता है जब उस area के अंदर का कोई शख्स बाहर आकर बताए, या अमेरिकी सरकार इस बारे में कुछ खुलासा करेगी।

ये भी पढें एक ऐसा प्लेन जो दुनिया खतम होने पर भी उडता रहेगा, और उसी प्लेन में चोरी कैसे हो गयी

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker